पूर्वी सिंहभूम में 1,000 हेक्टेयर में होगी सरसों की खेती, मूंगफली उत्पादन को भी बढ़ावा

MANBHUM UPDATES
2 Min Read

पूर्वी सिंहभूम में 1,000 हेक्टेयर में होगी सरसों की खेती, मूंगफली उत्पादन को भी बढ़ावा

जमशेदपुर, 29 सितंबर : पूर्वी सिंहभूम जिले में तेलहन फसलों की खेती को बढ़ावा देने के लिए जिला तेलहन मिशन की बैठक मंगलवार को समाहरणालय सभागार में उपायुक्त राजीव रंजन की अध्यक्षता में हुई। बैठक में वर्ष 2026-27 के लिए राष्ट्रीय खाद्य तेल-तिलहन मिशन के तहत विभिन्न कृषक गतिविधियों को स्वीकृति दी गई।

बैठक में किसानों के खेतों में फसल प्रत्यक्षण, मिट्टी के नमूनों की जांच एवं विश्लेषण, कृषक प्रशिक्षण, कृषि पदाधिकारियों एवं प्रसार कर्मियों के क्षमता विकास प्रशिक्षण तथा तकनीकी फिल्म निर्माण जैसी गतिविधियों को मंजूरी दी गई।

जिला कृषि पदाधिकारी सह परियोजना निदेशक, आत्मा ने बताया कि खरीफ मौसम में चाकुलिया और बहरागोड़ा प्रखंड के चयनित किसानों के खेतों में 20 हेक्टेयर क्षेत्र में मूंगफली का प्रत्यक्षण किया गया है। वहीं, आगामी रबी मौसम में 400 हेक्टेयर क्षेत्र में सरसों की खेती का प्रत्यक्षण किया जाएगा।

बैठक में वैल्यू चेन क्लस्टर के तहत 1,000 हेक्टेयर में सरसों की खेती कराने को भी मंजूरी दी गई। इसके लिए 500-500 हेक्टेयर के दो क्लस्टर बनाए गए हैं। चाकुलिया और डुमरिया में चयनित कृषक उत्पादक सहकारी संस्थाओं के माध्यम से सरसों का उत्पादन कराया जाएगा।

चाकुलिया में कल्याण महिला कुटीर उद्योग सहकारी समिति लिमिटेड तथा डुमरिया में सागेन साकाम कृषक उत्पादक सहकारी समिति लिमिटेड को इस कार्य के लिए स्वीकृति दी गई है।

इसके अलावा उन्नत किस्म के बीजों के माध्यम से क्लस्टर आधारित सरसों की खेती को बढ़ावा देने के लिए 400 हेक्टेयर क्षेत्र में प्रत्यक्षण किया जाएगा। इसमें बहरागोड़ा में 100 हेक्टेयर, गुड़ाबांदा में 150 हेक्टेयर और मुसाबनी में 150 हेक्टेयर क्षेत्र निर्धारित किया गया है।

बैठक में उप विकास आयुक्त नागेन्द्र पासवान, जिला कृषि पदाधिकारी, जिला उद्यान पदाधिकारी, डीडीएम नाबार्ड, एलडीएम, उप निदेशक आत्मा समेत जिला तेलहन मिशन के नामित सदस्य मौजूद रहे।

Share This Article