एमएसएमई को मिलेगी बैंकिंग की आसान राह, आरबीआई की नगर समागम बैठक में ऋण सुविधाओं और नियमों पर मंथन

MANBHUM UPDATES
4 Min Read

एमएसएमई को मिलेगी बैंकिंग की आसान राह, आरबीआई की नगर समागम बैठक में ऋण सुविधाओं और नियमों पर मंथन

सरायकेला, 21 अगस्त : जिले में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र को बढ़ावा देने और उद्यमियों तथा बैंकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से भारतीय रिजर्व बैंक, रांची कार्यालय की ओर से शुक्रवार को सरायकेला-खरसावां में नगर समागम बैठक आयोजित की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता भारतीय रिजर्व बैंक, झारखंड की क्षेत्रीय निदेशक रक्षा मिश्र ने की।

बैठक में एमएसएमई क्षेत्र के विकास, उद्यमियों तक ऋण एवं बैंकिंग सुविधाओं की आसान पहुंच और नियामकीय प्रावधानों के प्रभावी अनुपालन पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम में आरबीआई के उप महाप्रबंधक, एमएसएमई-डीएफओ के निदेशक, एसएलबीसी के उप महाप्रबंधक, बैंक ऑफ इंडिया के उप महाप्रबंधक सहित विभिन्न बैंकों के वरिष्ठ अधिकारी, आदित्यपुर लघु उद्योग संघ के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में उद्यमी शामिल हुए।

बिना संपार्श्विक ऋण की सीमा बढ़ी

अपने संबोधन में क्षेत्रीय निदेशक रक्षा मिश्र ने कहा कि एमएसएमई देश की अर्थव्यवस्था की मजबूती में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने बताया कि यह क्षेत्र देश के सकल घरेलू उत्पाद में एक-तिहाई से अधिक और कुल निर्यात में 45 प्रतिशत से अधिक योगदान देता है। साथ ही, यह बड़े पैमाने पर रोजगार उपलब्ध कराने वाले प्रमुख क्षेत्रों में शामिल है।

उन्होंने एमएसएमई के लिए आरबीआई द्वारा किए गए विभिन्न प्रावधानों और पहलों की जानकारी देते हुए बताया कि बिना संपार्श्विक ऋण की सीमा 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दी गई है। वहीं, सुदृढ़ वित्तीय रिकॉर्ड वाले उद्यमों के लिए यह सीमा 25 लाख रुपये तक है।

इसके अलावा 25 लाख रुपये तक के एमएसई ऋण आवेदनों पर 14 कार्य दिवसों के भीतर ऋण संबंधी निर्णय, सरल भाषा में Key Facts Statement (KFS), TReDS प्लेटफॉर्म, फ्लोटिंग रेट ऋणों के पूर्व भुगतान पर शुल्क संबंधी प्रावधान और CGTMSE कवरेज के विस्तार जैसे प्रावधानों की जानकारी दी गई।

क्षेत्रीय निदेशक ने बैंकों से इन नियामकीय प्रावधानों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने का आग्रह किया। वहीं, उद्यमियों एवं उद्योग संघों से भी आरबीआई के प्रासंगिक नियमों और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी रखने तथा उनका समुचित लाभ उठाने की अपील की।

उद्यमियों ने साझा की सफलता की कहानी

बैठक के दौरान आरबीआई के अधिकारियों ने प्रतिभागियों के लिए विभिन्न विषयों पर जागरूकता सत्र आयोजित किए। इस दौरान कुछ उद्यमियों ने अपनी उद्यमिता यात्रा, संघर्ष और सफलता की कहानियां साझा कीं। उनकी कहानियों ने कार्यक्रम में मौजूद अन्य उद्यमियों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम स्थल पर जिले एवं राज्य के विभिन्न उद्यमियों ने अपने उत्पादों की प्रदर्शनी के लिए स्टॉल भी लगाए। इन स्टॉलों के माध्यम से स्थानीय एमएसएमई उत्पादों, नवाचार और उद्यमिता की संभावनाओं को प्रदर्शित किया गया।

नगर समागम बैठक का उद्देश्य एमएसएमई उद्यमियों, बैंकों और अन्य हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना, ऋण एवं बैंकिंग सुविधाओं की पहुंच आसान बनाना, नियामकीय प्रावधानों के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा जिले में एमएसएमई क्षेत्र के सतत विकास को गति देना रहा।

Share This Article