बैंकिंग सेवाओं को गांव-गांव पहुंचाने पर जोर, लंबित ऋण आवेदनों के त्वरित निष्पादन का उपायुक्त ने दिया निर्देश
सरायकेला, 21 अगस्त : समाहरणालय सभाकक्ष में शुक्रवार को उपायुक्त सह जिला दण्डाधिकारी नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में जून 2026 तिमाही की जिला सलाहकार समिति (DCC) एवं जिला स्तरीय समीक्षा समिति (DLRC) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में बैंकिंग सेवाओं, ऋण प्रवाह, वित्तीय समावेशन और विभिन्न सरकारी प्रायोजित योजनाओं के तहत ऋण वितरण की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में साख-जमा अनुपात (CD Ratio) तथा वार्षिक साख योजना (ACP) 2025-26 के तहत बैंकवार उपलब्धियों की समीक्षा की गई। किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) संतृप्तिकरण, स्वयं सहायता समूह (SHG)-बैंक लिंकेज और संयुक्त देयता समूह (JLG) के वित्तपोषण की प्रगति पर भी चर्चा हुई।
सरकारी प्रायोजित योजनाओं में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP), प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम योजना (PMFME), प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना, प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (PM SVANidhi) और मुद्रा योजना के तहत प्राप्त ऋण आवेदनों के निष्पादन की स्थिति की समीक्षा की गई। मत्स्य, पशुपालन, कृषि, सहकारिता एवं उद्योग विभाग से संबंधित बैंक ऋण प्रवाह का भी जायजा लिया गया।
उपायुक्त ने सभी बैंक प्रबंधकों को लंबित ऋण आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित निष्पादन करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पात्र लाभुकों को समय पर ऋण उपलब्ध कराकर उन्हें रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ना प्रशासन और बैंकों की प्राथमिकता होनी चाहिए। छोटे उद्यमियों, किसानों, छात्रों, पशुपालकों सहित अन्य पात्र लाभुकों को अधिक से अधिक ऋण उपलब्ध कराने पर भी उन्होंने जोर दिया।
गांवों में बढ़ेगी बैंकिंग की पहुंच
उपायुक्त ने ग्रामीण एवं सुदूरवर्ती क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए अधिक से अधिक बैंकिंग संवाददाता (BC) प्वाइंट स्थापित करने तथा ATM सुविधाओं के विस्तार की कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने CFL एवं FLC के माध्यम से चलाए जा रहे वित्तीय साक्षरता कार्यक्रमों को पंचायत स्तर तक प्रभावी रूप से पहुंचाने पर भी जोर दिया।
PMFME के तहत आवेदनों के चयन में पात्रता एवं गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने तथा गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (NPA) की वसूली में बैंकों को आवश्यक सहयोग प्रदान करने का निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया गया।
बैठक में अग्रणी जिला प्रबंधक ने KCC संतृप्तिकरण में सभी बैंकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने तथा ‘खेत बचाओ अभियान’ के तहत ‘कृषिका ऐप’ के माध्यम से KCC आवेदनों के निष्पादन पर जोर दिया। SHG एवं JLG वित्तपोषण के निर्धारित वार्षिक लक्ष्य को शत-प्रतिशत हासिल करने के लिए भी आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया।
इसके अलावा सभी बैंकों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के तहत संतृप्तिकरण का कार्य 25 अगस्त 2026 तक पूरा करने और अंतिम तिथि का इंतजार नहीं करने का निर्देश दिया गया।
उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों और बैंकों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ पात्र लाभुकों तक पहुंचाने के लिए जिम्मेदारियों को एक-दूसरे पर डालने के बजाय समन्वित प्रयास जरूरी है।
बैठक में अग्रणी जिला प्रबंधक बरुण कुमार चौधरी, डीडीएम नाबार्ड, JSLPS, भारतीय रिजर्व बैंक के प्रतिनिधि, निदेशक RSETI, CFL/FLC के समन्वयक समेत विभिन्न बैंकों के जिला समन्वयक एवं शाखा प्रबंधक उपस्थित रहे।




