विधानसभा के बाद अब पंचायत में भी भाजपा की सेंधमारी से तृणमूल को लगा बड़ा झटका, जानिए बाघमुंडी में कैसे लाया गया अविश्वास प्रस्ताव
बाघमुंडी, 25 अगस्त : पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद पंचायत स्तर पर भी राजनीतिक समीकरण तेजी से बदलते नजर आ रहे हैं। इसी क्रम में पुरुलिया जिले के बाघमुंडी ब्लॉक अंतर्गत तुनतुड़ी सुइसा ग्राम पंचायत में मंगलवार को तृणमूल कांग्रेस को बड़ा झटका लगा। पंचायत प्रधान अष्टमी कुइरी के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को 13 सदस्यों का समर्थन मिलने के बाद उन्हें प्रधान पद से हटा दिया गया।
21 सदस्यों वाली ग्राम पंचायत में प्रधान के खिलाफ गत 17 अगस्त को अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था। प्रस्ताव के समर्थन में भाजपा के पांच, तृणमूल कांग्रेस के छह और कुड़मी समाज समर्थित दो निर्दलीय पंचायत सदस्य शामिल थे।
मंगलवार को पुलिस की कड़ी सुरक्षा के बीच पंचायत कार्यालय में अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान कराया गया। बैठक में उपस्थित सभी 13 सदस्यों ने प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया। इसके साथ ही तृणमूल कांग्रेस समर्थित प्रधान अष्टमी कुइरी की कुर्सी चली गई।
बताया गया कि पंचायत के उपप्रधान समीर महतो ने भी प्रधान पर मनमानी का आरोप लगाते हुए विपक्षी गुट का समर्थन किया और भाजपा के साथ खड़े हो गए। इस घटनाक्रम के बाद पंचायत में राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदल गया है।
स्थानीय राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अब पंचायत में भाजपा समर्थित प्रधान के चुनाव का रास्ता लगभग साफ हो गया है। हालांकि नई प्रधान के चुनाव की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही तस्वीर स्पष्ट होगी।
मौके पर भाजपा मंडल अध्यक्ष विभूति रजक, जिला किसान मोर्चा अध्यक्ष जगदीश कुमार, ओबीसी मोर्चा जिला अध्यक्ष मानिक माझी, जिला उपाध्यक्ष ललिता मुड़ा, जिला कमेटी सदस्य गौतम कुइरी, भाजपा नेता फूलचंद कुइरी, उपेन गोप सहित पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।



