खराब सड़क ने ली छात्र की जान? चांडिल गोलचक्कर में ट्रेलर की चपेट में आए दो छात्र, एक की मौत
चांडिल, 06 अक्टूबर :सरायकेला खरसावां जिले के चांडिल गोलचक्कर के पास एक बार फिर सड़क की बदहाल स्थिति और यातायात व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हुए दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। चांडिल पॉलीटेक्निक कॉलेज जा रहे दो छात्रों को एक ट्रेलर ने अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में एक छात्र की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा छात्र गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई।
जानकारी के अनुसार, दोनों छात्र गम्हरिया से बाइक से चांडिल पॉलीटेक्निक कॉलेज जा रहे थे। इसी दौरान गोलचक्कर के पास तेज रफ्तार ट्रेलर की चपेट में दोनों आ गए। दुर्घटना में एक छात्र की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान समाचार लिखे जाने तक नहीं हो सकी थी। वहीं घायल छात्र की पहचान समीर दास के रूप में बताई जा रही है। दोनों के गम्हरिया निवासी होने की जानकारी सामने आई है।
घटना की सूचना मिलते ही चांडिल थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया, जबकि दुर्घटनाग्रस्त ट्रेलर को जब्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
बदहाल सड़क पर NHAI के खिलाफ बढ़ रहा आक्रोश
हादसे के बाद स्थानीय लोगों में सड़क की स्थिति को लेकर नाराजगी देखने को मिली। लोगों का कहना है कि चांडिल गोलचक्कर और आसपास के मार्ग की खराब हालत लंबे समय से परेशानी का कारण बनी हुई है। सड़क की सतह कई जगह खराब होने के साथ भारी वाहनों की आवाजाही और यातायात दबाव भी लगातार बना रहता है।
स्थानीय लोगों ने सड़क की बदहाली को लेकर NHAI की कार्यप्रणाली पर तीखी नाराजगी जताई है। उनका सवाल है कि जब यह मार्ग लगातार भारी यातायात का दबाव झेल रहा है और आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं, तो सड़क की मरम्मत और यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए प्रभावी कदम क्यों नहीं उठाए जा रहे हैं।
लोगों का आरोप है कि सड़क की खराब स्थिति को लेकर बार-बार आवाज उठने के बावजूद संबंधित एजेंसी की ओर से स्थायी समाधान की दिशा में पर्याप्त गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। ऐसे में सवाल सिर्फ इस हादसे की जांच का नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा के प्रति NHAI की जवाबदेही का भी है।
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि चांडिल गोलचक्कर समेत आसपास के खराब हिस्सों की तत्काल मरम्मत कराई जाए, यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित किया जाए और दुर्घटना संभावित स्थानों पर सुरक्षा के ठोस इंतजाम किए जाएं, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को अपने बच्चे को सड़क हादसे में न खोना पड़े।



