चांडिल अनुमंडल के प्रमुख स्थलों पर सार्वजनिक शौचालय का अभाव, महिलाओं को हो रही भारी परेशानी

मनभूम अपडेट्स डेस्क,ManbhumUpdates.com
चांडिल, 02 अगस्त : चांडिल अनुमंडल क्षेत्र में सार्वजनिक शौचालयों की भारी कमी एक गंभीर जनसमस्या बन चुकी है। खासकर महिलाओं को इसकी वजह से प्रतिदिन शर्मिंदगी और असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। चांडिल बाजार एक प्रमुख वाणिज्यिक केंद्र है, जहां प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में लोग खरीदारी, न्यायिक कार्य, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा और अन्य प्रशासनिक कामकाज के लिए आते हैं। यह समस्या न केवल व्यक्तिगत असुविधा है, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य और स्वच्छता के लिए भी खतरा है। सार्वजनिक शौचालयों की कमी के कारण, लोगों को खुले में शौच करने के लिए मजबूर होना पड़ता है, जिससे न केवल सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलती है, बल्कि यह स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक है।
प्रमुख बाजार क्षेत्र में भी नहीं है कोई सार्वजनिक शौचालय
चांडिल बाजार सप्ताह में दो दिन सोमवार और गुरुवार को लगने वाले हाट के रूप में अत्यधिक भीड़ वाला स्थान बन जाता है। इसके अतिरिक्त प्रतिदिन अनुमंडल कार्यालय, व्यवहार न्यायालय, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, विद्युत विभाग, वन विभाग, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, कॉलेज व कोचिंग संस्थानों में कामकाज हेतु आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग यहां आते हैं। बावजूद इसके, बाजार और आस-पास के क्षेत्र में एक भी चालू सार्वजनिक शौचालय उपलब्ध नहीं है।
पुराना शौचालय हुआ बेकार
जिला परिषद के स्वच्छता मिशन के तहत चांडिल दुर्गा मंदिर मार्केट में एक सार्वजनिक शौचालय का निर्माण तत्कालीन जिला परिषद उपाध्यक्ष देवाशीष राय के पहल पर कराया गया था। लेकिन देखरेख और नियमित सफाई की व्यवस्था न होने के कारण यह शौचालय अब अनुपयोगी हो चुका है। इसकी दुर्दशा ऐसी है कि आमजन उसके पास भी जाना पसंद नहीं करते, और अंततः लोग खुले में शौच या पेशाब करने को मजबूर होते हैं। यह स्थिति स्वच्छ भारत मिशन की भावना के भी विरुद्ध है और क्षेत्र की छवि को भी धूमिल करती है।
अन्य स्थानों की भी यही स्थिति
चांडिल अनुमंडल क्षेत्र के अन्य प्रमुख स्थलों जैसे चौका बाजार, रघुनाथपुर बाजार और मिलन चौक में भी यही स्थिति है। रघुनाथपुर में दुर्गा मंदिर के पास तत्कालीन विधायक दिवंगत साधुचरण महतो के प्रयास से विधायक निधि से एक सार्वजनिक शौचालय का निर्माण हुआ था, लेकिन अब वह भी देखरेख के अभाव में खंडहर में तब्दील हो चुका है। सार्वजनिक शौचालयों की अनुपलब्धता से सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं को होती है। कई बार उन्हें असुरक्षित जगहों का सहारा लेना पड़ता है, जो स्वास्थ्य और गरिमा दोनों के लिए खतरनाक है। कई ग्रामीण महिलाएं खासकर बाजार या सरकारी दफ्तरों में जरूरी काम होने के बावजूद बार-बार आने से कतराती हैं।
विधायक साबित महतो से उम्मीदें
ईचागढ़ क्षेत्र की वर्तमान विधायक सविता महतो स्वयं महिला जनप्रतिनिधि हैं और दूसरी बार विधायक बनी हैं। जनता को उम्मीद है कि वे महिलाओं की इस मूलभूत समस्या को समझेंगी और चांडिल अनुमंडल के प्रमुख स्थलों पर आधुनिक, सुरक्षित और स्वच्छ सार्वजनिक शौचालयों की व्यवस्था करवाने की दिशा में ठोस कदम उठाएंगी। अब समय आ गया है कि जिला प्रशासन, पंचायत और जनप्रतिनिधि मिलकर इस दिशा में गंभीरता से पहल करें। शौचालय निर्माण के साथ-साथ उसकी नियमित सफाई, देखरेख और संचालन की जिम्मेदारी भी सुनिश्चित की जाए ताकि ये केवल दिखावे के लिए नहीं बल्कि वास्तव में उपयोगी साबित हों।



