जाति प्रमाण पत्र बनवाने में हो रहे परेशानी पर झामुमो केंद्रीय प्रवक्ता कुणाल षाड़ंगी ने विभागीय मंत्री से बात कर शीघ्र समाधान का दिलाया भरोसा

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जाति प्रमाण पत्र बनवाने में हो रहे परेशानी पर झामुमो केंद्रीय प्रवक्ता कुणाल षाड़ंगी ने विभागीय मंत्री से बात कर शीघ्र समाधान का दिलाया भरोसा

जमशेदपुर, 14 सितंबर : अनुसूचित जाति समन्वय समिति, जमशेदपुर ने आज झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के केंद्रीय प्रवक्ता व पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी से मुलाक़ात कर जाति प्रमाण पत्र निर्गत करने में आ रही परेशानियों को लेकर एक ज्ञापन सौंपा।

समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि अनुसूचित जाति वर्ग के छात्र-छात्राओं एवं युवाओं को जाति प्रमाण पत्र बनवाने में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन की ओर से 10 अगस्त 1950 से पूर्व के निवास प्रमाण की अनिवार्यता लागू कर दी गई है, जो व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है। इसके कारण हज़ारों विद्यार्थी उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं, सरकारी योजनाओं और रोजगार के अवसरों से वंचित हो रहे हैं।

समिति ने कहा कि भारत सरकार और झारखंड सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों में स्पष्ट उल्लेख है कि राज्य गठन के बाद भी अनुसूचित जातियों की सूची वही बनी हुई है। ऐसे में 1950 से पूर्व निवास का प्रमाण माँगना न्यायसंगत नहीं है।

ज्ञापन पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी ने समिति को आश्वस्त किया कि इस मुद्दे को वे प्राथमिकता से राज्य सरकार के समक्ष रखेंगे। उन्होंने कहा कि आगामी मंगलवार को वे स्वयं विभागीय मंत्री चमरा लिंडा से मुलाक़ात कर शीघ्र समाधान निकालने का प्रयास करेंगे, ताकि अनुसूचित जाति वर्ग के छात्र और युवा बिना किसी बाधा के जाति प्रमाण पत्र प्राप्त कर सकें।

ज्ञापन सौंपने वालों में अजय राजक, बिमल राजक, तराचंद कलिंदी, अगस्ती कलिंदी, पोरेश मुखी, जुगल किशोर मुखी, रामपालख चौधरी, गौरव कुमार, गौरी देवी, पूर्णिमा देवी, अरमान बौरी, सूरज बौरी, मनीष प्रसाद, हेमंत कुमार, राजू भुइंयां, संतोष भुइंयां, विजय रविदास, संतलाल रविदास सहित अन्य शामिल थे।

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