
बिरसा मुंडा के जीवन पर नाटक और पाईका-छऊ नृत्य रहा आकर्षण का केंद्र, प्रतिभावान विद्यार्थियों व विभिन्न क्षेत्रों की हस्तियों को किया गया सम्मानित
जमशेदपुर, 9 अगस्त :विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर सिदगोड़ा स्थित बिरसा मुंडा टाउन हॉल में रविवार को जिला स्तरीय सांस्कृतिक कार्यक्रम, सम्मान समारोह सह परिसंपत्ति वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में आदिवासी समाज की समृद्ध संस्कृति, गौरवशाली इतिहास, परंपरा और प्रकृति के साथ उसके गहरे जुड़ाव को प्रदर्शित किया गया। इस दौरान विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत लाभुकों के बीच 20 करोड़ रुपये से अधिक की परिसंपत्ति एवं योजनाओं का लाभ वितरित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान बिरसा मुंडा एवं स्मृति शेष दिशोम गुरु शिबू सोरेन के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि देने के साथ हुआ। कार्यक्रम में राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष हिदायतुल्लाह खान, जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त राजीव रंजन, वरीय पुलिस अधीक्षक डॉ. एहतेशाम वकारिब, उप विकास आयुक्त नागेन्द्र पासवान, नगर आयुक्त जेएनएसी, एडीसी, निदेशक एनईपी समेत जिला प्रशासन के अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपायुक्त राजीव रंजन ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस आदिवासी समाज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, गौरवशाली इतिहास और राज्य के क्रांतिकारियों के योगदान को याद करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि जल, जंगल और जमीन के संरक्षण के साथ युवाओं को शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के अवसरों से जोड़ना जरूरी है। साथ ही अपनी भाषा, कला और सांस्कृतिक विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना भी सभी की जिम्मेदारी है।
वरीय पुलिस अधीक्षक डॉ. एहतेशाम वकारिब ने युवाओं से अपनी संस्कृति और परंपराओं को संजोते हुए शिक्षा और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि समाज की प्रगति में युवाओं की सकारात्मक भागीदारी जरूरी है। इसके साथ ही नशामुक्ति जैसे सामाजिक सरोकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर भी उन्होंने जोर दिया।
उप विकास आयुक्त नागेन्द्र पासवान ने कहा कि आदिवासी संस्कृति प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर जीवन जीने और सामूहिकता की भावना की सीख देती है। उन्होंने कहा कि सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना और जनभागीदारी को बढ़ावा देना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने लाभुकों से सरकारी योजनाओं का सदुपयोग कर जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव लाने की अपील की।
बिरसा मुंडा के जीवन पर नाटक ने बांधा समां
कार्यक्रम में भगवान बिरसा मुंडा के जीवन और संघर्ष पर आधारित नाटक का मंचन किया गया। इसके अलावा पाईका नृत्य और छऊ नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियों ने दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। झारखंड की सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक विरासत तथा राज्य के महान क्रांतिकारियों के जीवन-दर्शन को समर्पित फोटो गैलरी भी लोगों के आकर्षण का केंद्र रही।
इस अवसर पर खेल, साहित्य, फिल्म निर्माण और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। वहीं मैट्रिक और इंटरमीडिएट परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभावान विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया।
20 करोड़ से अधिक की परिसंपत्ति और योजनाओं का लाभ
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों की कल्याणकारी योजनाओं के तहत लाभुकों के बीच 20 करोड़ रुपये से अधिक की परिसंपत्ति एवं योजनाओं का लाभ वितरित किया गया। इसमें छात्रवृत्ति, साइकिल, सामुदायिक एवं व्यक्तिगत वनपट्टा, सर्वजन पेंशन स्वीकृति पत्र, श्रवण यंत्र, समावेशी आजीविका योजना के तहत अनुदान राशि, सामुदायिक निवेश निधि और सोलर पंप समेत अन्य योजनाओं का लाभ शामिल रहा।
कार्यक्रम के माध्यम से आदिवासी समाज की वीरता, संघर्ष, स्वाभिमान, सांस्कृतिक विरासत और प्रकृति संरक्षण की परंपरा को सम्मान दिया गया। नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े रहने का संदेश भी दिया गया। आगंतुकों के बीच पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।
इस दौरान भगवान बिरसा मुंडा, तिलका मांझी, सिदो-कान्हू, चांद-भैरव, फूलो-झानो, बुधु भगत, नीलांबर-पीतांबर समेत झारखंड की धरती के वीर सपूतों के संघर्ष और योगदान को याद किया गया तथा उनके आदर्शों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया।



