
जागरूकता रैली, शपथ, रक्षा सूत्र बंधन और जल सिंगार-वंदना कार्यक्रम का हुआ आयोजन
खरसावां, 08 अगस्त : जल जीवन मिशन के तहत शनिवार को खरसावां प्रखंड की शिमला पंचायत अंतर्गत हांसदा गांव में जल अर्पण दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में विभागीय एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों के साथ स्थानीय जनप्रतिनिधि, जलसहिया और बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए।
कार्यक्रम की शुरुआत जल संरक्षण और सुरक्षित पेयजल के उपयोग को लेकर शपथ के साथ हुई। इस दौरान ग्रामीणों ने जल की बर्बादी रोकने, जल स्रोतों को सुरक्षित रखने और स्वच्छ पेयजल के महत्व को समझते हुए इसके संरक्षण में अपनी भागीदारी निभाने का संकल्प लिया।
जल अर्पण दिवस के अवसर पर गांव में जागरूकता रैली भी निकाली गई। इसके अलावा रक्षा सूत्र बंधन और जल सिंगार-वंदना समेत कई गतिविधियों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों को जल के महत्व और इसके संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया।
कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को सुरक्षित पेयजल के उपयोग, जल संरक्षण और पानी की बर्बादी रोकने के उपायों की जानकारी दी गई। साथ ही जल जीवन मिशन के तहत संचालित जलापूर्ति योजनाओं के नियमित रख-रखाव और बेहतर संचालन में ग्रामीणों की भूमिका पर भी चर्चा की गई।
अधिकारियों ने कहा कि जलापूर्ति योजनाओं को लंबे समय तक सुचारू रूप से संचालित रखने के लिए केवल सरकारी प्रयास पर्याप्त नहीं हैं। इसके लिए ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है। जल स्रोतों और जलापूर्ति योजनाओं के संरक्षण में सामुदायिक सहभागिता को महत्वपूर्ण बताया गया।
इस अवसर पर जलापूर्ति योजनाओं के रख-रखाव, जल संरक्षण और जन-जागरूकता के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने वाले स्थानीय जनप्रतिनिधियों, मुखिया/प्रधान, वार्ड सदस्यों और जलसहियाओं को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों से अपील की गई कि पानी को केवल जरूरत की वस्तु न समझें, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों के लिए इसे बचाने की जिम्मेदारी भी निभाएं। जल संरक्षण को सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए ग्रामीणों से जल स्रोतों और जलापूर्ति योजनाओं की देखरेख में सक्रिय भागीदारी की अपील की गई।



