स्कूलों में सिर्फ हाजिरी नहीं, बच्चों में सीखने की ललक पैदा करना भी जरूरी : डीडीसी

MANBHUM UPDATES
3 Min Read

शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नियमित उपस्थिति और लंबित कार्यों के त्वरित निष्पादन पर जोर

सरायकेला, 31 अगस्त : समाहरणालय सभागार में सोमवार को उप विकास आयुक्त (डीडीसी) रीना हांसदा की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के विभिन्न प्रखंडों में संचालित शैक्षणिक योजनाओं, विद्यालयों की स्थिति और विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति की समीक्षा की गई। इस दौरान अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के साथ लंबित कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने का निर्देश दिया गया।

बैठक में विद्यार्थियों और शिक्षकों की नियमित उपस्थिति, विद्यालयों में नामांकन, व्यावसायिक क्षमता विकास प्रशिक्षण, विद्यालय संबंधी आंकड़ों का अद्यतन, जन्म प्रमाण-पत्र, परियोजना रेल एवं अपार पहचान संख्या, आधारभूत संरचना, आईसीटी लैब, स्मार्ट कक्षा तथा जिले की शैक्षणिक रैंकिंग समेत विभिन्न बिंदुओं पर प्रखंडवार समीक्षा की गई।

डीडीसी ने कम उपस्थिति वाले विद्यालयों को चिन्हित कर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई करने और नियमित अनुश्रवण सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने शिक्षकों की उपस्थिति पर भी विशेष निगरानी रखने तथा विद्यालयों में अनुशासित एवं प्रभावी शैक्षणिक माहौल बनाए रखने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि विद्यालयों में केवल विद्यार्थियों की उपस्थिति सुनिश्चित करना पर्याप्त नहीं है। बच्चों में सीखने की रुचि, आत्मविश्वास और रचनात्मक क्षमता का विकास भी शिक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण उद्देश्य है। इसके लिए शिक्षकों को बच्चों के साथ संवेदनशील एवं सम्मानजनक व्यवहार करते हुए भयमुक्त वातावरण में पढ़ाने का निर्देश दिया गया।

बैठक में खेल-खेल में शिक्षा और गतिविधि आधारित शिक्षण को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि बच्चों की उम्र और सीखने की क्षमता के अनुरूप सरल एवं व्यवहारिक तरीकों से पढ़ाई कराई जाए तथा कक्षा में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए।

लंबित व्यावसायिक क्षमता विकास प्रशिक्षण, जन्म प्रमाण-पत्र, परियोजना रेल एवं अपार पहचान संख्या से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का निर्देश दिया गया। वहीं विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं, आईसीटी लैब और स्मार्ट कक्षाओं की कमियों को दूर कर विद्यार्थियों को बेहतर डिजिटल एवं शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी बल दिया गया।

जिले की शैक्षणिक रैंकिंग और प्रदर्शन सूचकों की समीक्षा करते हुए डीडीसी ने जिन क्षेत्रों में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई है, वहां विशेष ध्यान देकर प्रखंडवार सुधारात्मक कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए जिले के शैक्षणिक प्रदर्शन में सुधार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी कैलाश मिश्रा, जिला शिक्षा अधीक्षक अमित कुमार समेत सभी प्रखंडों के शिक्षा पदाधिकारी, प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी, प्रखंड परियोजना प्रबंधक, बीआरपी, सीआरपी एवं शिक्षा विभाग के अन्य पदाधिकारी और कर्मी उपस्थित थे।

Share This Article