समीक्षात्मक बैठक में किसानों की आय वृद्धि एवं सशक्तिकरण हेतु उपायुक्त ने दिए आवश्यक निर्देश

सरायकेला, 25 अगस्त : सरायकेला-खरसावां जिला समाहरणालय सभागार में उपायुक्त नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में कृषि, पशुपालन, उद्यान, मत्स्य, सहकारिता आदि विभागों की सोमवार को समीक्षात्मक बैठक हुई। बैठक में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, किसान क्रेडिट कार्ड, मुख्यमंत्री कृषि ऋण माफी, डेयरी विकास, पशुधन, मत्स्य पालन (केज कल्चर), बागवानी, संरक्षित खेती एवं अर्बन फार्मिंग जैसी योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। मौके पर उपायुक्त ने ️शेष बचे सभी योग्य किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड से जोड़ने, ️मुख्यमंत्री कृषि ऋण माफी योजना अंतर्गत सभी लाभुकों का ई-केवाईसी सुनिश्चित कराने, ️डेयरी विकास एवं मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना में निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप आवेदन प्राप्त कर पात्र किसानों को लाभ प्रदान करने का निर्देश दिया।
उन्होंने ️मत्स्य पालन के लिए योग्य लाभुकों को योजनाओं से जोड़ते हुए उन्हें सहायक उपकरण एवं बीमा योजना का लाभ देने, ️पशु टीकाकरण से संबंधित लंबित डाटा एंट्री को पोर्टल पर अद्यतन करने, ️प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का कार्यान्वयन निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप पूरा करने, ️किसानों की आय वृद्धि एवं आत्मनिर्भरता हेतु संरक्षित खेती, फूलों की खेती एवं अर्बन फार्मिंग को बढ़ावा देने और उपयुक्त भूमि चिन्हित कर किसानों को जोड़ने, ️किसानों को कृषि सहायक उपकरणों के साथ गुणवत्तापूर्ण बीजों का वितरण करने, उत्पादन एवं आय में वृद्धि हो सके, ️किसानों को नियमित प्रशिक्षण देने एवं भौतिक सत्यापन कर योजनाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया।
उपायुक्त ने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा किसानों के सशक्तिकरण एवं आय वृद्धि हेतु अनेक योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। प्रत्येक पात्र किसान तक इन योजनाओं का लाभ समयबद्ध रूप से पहुंचे, इसके लिए विभागों द्वारा व्यापक प्रचार-प्रसार, प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन एवं सफल किसानों की कहानियों का प्रसार सुनिश्चित किया जाए, ताकि अन्य किसान भी प्रेरित होकर अपनी आय में वृद्धि कर सकें। अंत में उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सभी योजनाओं का क्रियान्वयन समयबद्ध, पारदर्शी एवं लक्ष्य आधारित होना चाहिए। यदि क्रियान्वयन के दौरान किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न होती है तो तत्काल जिला मुख्यालय को अवगत कराया जाए, ताकि उसका शीघ्र समाधान हो सके और किसानों को लाभ पहुंचाया जा सके।



