ईचागढ़ ने खो दिया जमीन से जुड़ा एक स्वाभिमानी नेता, पूर्व मुखिया विजय महतो के निधन से क्षेत्र में शोक
ईचागढ़, 15 जनवरी : ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र के पूर्व प्रत्याशी, पूर्व मुखिया, झारखंड आंदोलनकारी एवं सीपीएम के वरिष्ठ नेता विजय महतो का बुधवार रात्रि आकस्मिक निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। उनके निधन से ईचागढ़ ने अपना अभिभावक और जमीन से जुड़ा स्वाभिमानी नेता खो दिया। गुरुवार को पारंपरिक रीति रिवाज के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।
दिवंगत विजय महतो ईचागढ़ प्रखंड के चिमटिया गांव के निवासी थे और वर्तमान में शहीद अजित धनंजय महतो विद्या निकेतन, चोगा के सचिव के रूप में भी सक्रिय थे। वे एक एक जुझारू, कर्मठ, ईमानदार और साहसी जननेता थे। उन्होंने अन्याय, अत्याचार और जुल्म के खिलाफ हमेशा आवाज बुलंद किया।
वर्ष 1982 में तिरुलडीह गोलीकांड के समय उन्होंने आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई थी। गोलीकांड की घटना के बाद उन्हें जेल भी भेजा गया था। वे वीर शहीद निर्मल महतो को अपना आदर्श मानते थे और स्वर्णरेखा बहुद्देशीय परियोजना (चांडिल डैम) से प्रभावितों के हक और अधिकार के लिए लगातार संघर्ष करते रहे।
दिवंगत विजय कुमार महतो लंबे समय तक मुखिया और पंचायत समिति सदस्य रहे। वे जीवनपर्यंत किसान-मजदूरों के आंदोलनों का नेतृत्व किया। 1975 से 1985 तक चले पांच परगना किसान आंदोलन में उनकी सक्रिय भूमिका रही।
उनके अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, समाजसेवी और ग्रामीण शामिल हुए।