झुंड से बिछड़े हाथी का तांडव, छह घंटे में तीन ग्रामीणों को मारा, इलाके में दहशत

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झुंड से बिछड़े हाथी का तांडव, छह घंटे में तीन ग्रामीणों को मारा, इलाके में दहशत

 

चाईबासा, 02 जनवरी : आबादी वाले क्षेत्रों में जंगली हाथी की समस्या अब धीरे-धीरे लाइलाज बीमारी बनती जा रही है। कोल्हान प्रमंडल मुख्यालय चाईबासा से सटे तीन गांव में गुरुवार की रात जंगली हाथी ने जमकर उत्पाद मचाया। इस दौरान झुंड से बिछड़े हाथी ने तीन लोगों की पटक कर जान ले ली। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत और आक्रोश का माहौल व्याप्त है।

मिली जानकारी के अनुसार चाईबासा से सटे रोरो, बिरसिंहहातू और बांडीजारी गांव में झुंड से बिछड़े एक हाथी ने गुरुवार शाम से देर रात तक जमकर उत्पात मचाया। हाथी ने महज छह घंटे के भीतर तीन ग्रामीणों को पटक-पटक कर मार डाला, जिससे पूरे क्षेत्र में दहशत और आक्रोश का माहौल बन गया है।

बताया गया कि पहली घटना शाम करीब 6 बजे बांडीजारी गांव में हुई, जहां बकरी चराकर लौट रहे मंगल सिंह हेंब्रम को हाथी ने अपना शिकार बनाया। इसके बाद हाथी बिरसिंहहातू गांव के टोला कुचूबासा पहुंचा। यहां खलिहान की झोपड़ी में पत्नी के साथ सो रहे हूरदुब बहांदा की झोपड़ी हाथी ने तोड़ दी और उसे सूंड से उठाकर दूर ले जाकर पटक दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना में उसकी पत्नी भी घायल हो गई, जिसके सिर और हाथ में चोटें आई हैं।

लगातार दो हत्याओं के बाद हाथी देर रात करीब 11:30 बजे रोरो गांव पहुंचा। यहां 42 वर्षीय विष्णु सुंडी पर हमला कर हाथी ने उसे सूंड से उठाकर जमीन पर पटक दिया, जिससे उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई।

घटना के बाद चाईबासा से सटे टोंटो और रोरो क्षेत्र के गांवों में भय का माहौल है। ग्रामीणों ने शुक्रवार सुबह ही मुफस्सिल थाना और वन विभाग को सूचना दी, लेकिन दोपहर तक अधिकारियों के नहीं पहुंचने से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई।

ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथी को जल्द काबू में करने और मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने की मांग की है।

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