राजस्व मामलों के समयबद्ध निष्पादन पर जोर, लंबित म्यूटेशन और न्यायालयीन मामलों को जल्द निपटाने के निर्देश
सरायकेला, 11 जून : उपायुक्त नीतिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में गुरुवार को समाहरणालय सभागार में राजस्व एवं भू-अर्जन विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में राजस्व प्रशासन से जुड़े विभिन्न कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने लंबित म्यूटेशन, न्यायालयीन मामलों, भूमि अतिक्रमण और अभिलेखों के डिजिटलीकरण को प्राथमिकता के आधार पर निष्पादित करने का निर्देश दिया।
बैठक में अपर उपायुक्त जयवर्धन कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी चांडिल, भूमि सुधार उप समाहर्ता (एलआरडीसी) सरायकेला एवं चांडिल, सभी अंचल अधिकारी तथा संबंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
समीक्षा के दौरान दाखिल-खारिज (म्यूटेशन), सीमांकन, भूमि अतिक्रमण, सरकारी भूमि संरक्षण, राजस्व अभिलेखों के संधारण एवं डिजिटलीकरण, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना तथा अन्य राजस्व संबंधी योजनाओं की प्रगति का आकलन किया गया। उपायुक्त ने अंचलवार लंबित म्यूटेशन मामलों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि सभी आवेदनों का विभागीय प्रावधानों के अनुरूप समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बिना पर्याप्त और विधिसम्मत कारण के किसी भी आवेदन को अस्वीकृत नहीं किया जाना चाहिए।
उपायुक्त ने म्यूटेशन और अन्य राजस्व मामलों के निष्पादन में आने वाली तकनीकी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए विभागीय समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों का चक्कर न लगाना पड़े, इसके लिए सभी लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण किया जाए। अनुमंडल पदाधिकारी न्यायालय से आदेशित लंबित म्यूटेशन मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निष्पादित करने के भी निर्देश दिए गए।
बैठक में राजस्व अभिलेखों की उपलब्धता और संधारण की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने कहा कि सभी अंचल कार्यालयों में संबंधित मौजों के नक्शा और खतियान की प्रतियां उपलब्ध रहनी चाहिए। जिन मौजों के अभिलेख उपलब्ध नहीं हैं, उन्हें राजस्व शाखा से समन्वय स्थापित कर शीघ्र प्राप्त करने का निर्देश दिया गया। साथ ही महत्वपूर्ण अभिलेखों और दस्तावेजों के डिजिटलीकरण तथा डिजिटल माध्यम से सुरक्षित संधारण सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया।
भूमि अतिक्रमण और सरकारी भूमि संरक्षण से जुड़े मामलों की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने आवश्यकतानुसार विशेष शिविर आयोजित कर लंबित मामलों के आवेदन प्राप्त करने और उनका नियमानुसार निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के जलस्रोतों पर हुए अतिक्रमण की पहचान कर उन्हें अतिक्रमणमुक्त कराने तथा राष्ट्रीय एवं राज्यीय मार्गों के किनारे सरकारी भूमि पर हो रहे अतिक्रमण की रोकथाम के लिए नियमित निरीक्षण और कार्रवाई करने को कहा।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत लंबित लाभुकों के ई-केवाईसी कार्यों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने शेष लाभुकों का ई-केवाईसी कार्य शीघ्र पूरा कराने का निर्देश दिया। वहीं प्रमुख चौक-चौराहों और बाजार क्षेत्रों में अवैध वाहन पार्किंग की समस्या के समाधान के लिए यातायात पुलिस एवं परिवहन विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक के अंत में उपायुक्त ने कहा कि राजस्व प्रशासन से जुड़े सभी कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि आम नागरिकों को बेहतर और त्वरित सेवाएं उपलब्ध हो सकें तथा राजस्व मामलों का गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित किया जा सके।