झारखंड शिक्षा परियोजना एवं मध्याह्न भोजन योजना की जिला स्तरीय स्टीयरिंग-सह-मॉनिटरिंग कमेटी की हुई बैठक

MANBHUM UPDATES
3 Min Read

झारखंड शिक्षा परियोजना एवं मध्याह्न भोजन योजना की जिला स्तरीय स्टीयरिंग-सह-मॉनिटरिंग कमेटी की हुई बैठक

विशेष संवाददाता खूंटी, 25 जुलाई : समाहरणालय सभागार में शुक्रवार को उपायुक्त आर. रॉनिटा की अध्यक्षता में झारखंड शिक्षा परियोजना एवं मध्याह्न भोजन योजना के अंतर्गत जिला स्तरीय स्टीयरिंग सह मॉनिटरिंग कमेटी की बैठक हुई। बैठक में योजना के प्रभावी कार्यान्वयन हेतु विभिन्न बिंदुओं पर गहन समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। मौके पर मुख्य रूप से स्कूली बच्चों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने, विद्यालयों में नियमित स्वास्थ्य जांच कराने, मध्याह्न भोजन एवं इससे संबंधित एसएमएस भेजने की स्थिति, खाद्यान्न का समय पर उठाव, थाली एवं गिलास की खरीद, प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना, रसोइयों और सहायिकाओं को मानदेय भुगतान, वृद्धा पेंशन, आयुष्मान भारत एवं मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना से लाभान्वित करने, सामाजिक अंकेक्षण हेतु समयबद्ध कार्यक्रम के अनुपालन समेत अन्य महत्वपूर्ण विषयों की समीक्षा की गई।

इस अवसर पर उपायुक्त ने निर्देश दिया कि मध्याह्न भोजन में पौष्टिकता का विशेष ध्यान रखते हुए अनिवार्य रूप से हरी सब्जी तथा अन्य पोषक आहार का समावेश किया जाए। साथ ही झारखंड शिक्षा परियोजना के तहत बच्चों को समय पर पोशाक एवं पुस्तकें उपलब्ध कराई जाएं। शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति, बच्चों की उपस्थिति, पठन-पाठन की गुणवत्ता तथा अन्य शैक्षणिक गतिविधियों की भी समीक्षा की गई। बैठक में सभी बीईईओ, बीआरपी एवं सीआरपी को निर्देश दिया गया कि वे प्रत्येक माह अपने क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों का निरीक्षण कर ऑनलाइन रिपोर्ट प्रस्तुत करें ताकि विद्यालयों का संचालन सुचारू रूप से सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि विद्यालयों में शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति, गुणवत्तापूर्ण पठन-पाठन, मिड-डे मील की ससमय आपूर्ति, मेनू के अनुसार भोजन वितरण एवं अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर दिया जाए। बैठक में किचन गार्डन की प्रगति, बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण एवं अन्य बिंदुओं की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए गए।

विद्यालय भवन की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने पदाधिकारियों को विद्यालयों का निरीक्षण कर जर्जर विद्यालय भवन की सूची साझा करने का भी निर्देश दिया, जिससे आवश्यकता अनुसार भवनों की मरम्मत कराई जा सके। उपायुक्त ने स्पष्ट रूप से कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें, पूरी तत्परतापूर्वक बच्चों के पठन-पाठन के अलावा बच्चों को स्वच्छता, शिष्टाचार समेत अन्य जरूरी विषयों के प्रति उन्हें जागरूक करें, जिससे बच्चों का सर्वागीण विकास हो सके।

Share This Article