बेखौफ बदमाशों ने फिर दी पुलिस को चुनौती, दो बाइक से पहुंचे चार अपराधियों ने ₹6 हजार और मोबाइल लूटा – लगातार वारदातों से होटल-ढाबा संचालकों में दहशत
चांडिल, 04 सितंबर : सरायकेला खरसावां जिले के चौका थाना क्षेत्र में अपराधियों के बढ़ते हौसले ने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। करीब 15 दिन पहले हथियार के बल पर शराब दुकान में लूट के प्रयास समेत पेट्रोल पंप और राशन दुकान में वारदात के बाद भी पुलिस गिरोह तक नहीं पहुंच सकी है। इसी बीच गुरुवार की रात बदमाशों ने एक बार फिर हथियार के बल पर लूट की घटना को अंजाम देकर पुलिस को खुली चुनौती दे दी।
चौका-कांड्रा टोल मार्ग के खूंटी स्थित माउंट ब्यू होटल में गुरुवार की रात दो बाइक पर सवार चार बदमाश पहुंचे। बदमाशों ने होटल संचालक प्रकाश महतो को पिस्टल की नोंक पर धमकाया और उनके पास से करीब छह हजार रुपये नकद तथा एक मोबाइल फोन लूट लिया। वारदात को अंजाम देने के बाद सभी बदमाश बाइक से फरार हो गए।
घटना के बाद सूचना मिलने पर चौका थाना प्रभारी गौरव कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने आसपास के थानों को भी घटना की सूचना देकर देर रात तक विभिन्न स्थानों पर वाहन जांच अभियान चलाया। पुलिस के अनुसार, दो बाइक पर चार अपराधी होटल पहुंचे थे और हथियार दिखाकर होटल संचालक से मोबाइल और नकद राशि लूटकर फरार हो गए। पुलिस संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।
15 दिन पहले भी हथियारबंद बदमाशों ने मचाया था तांडव
चौका क्षेत्र में यह कोई पहली हथियारबंद वारदात नहीं है। 20 अगस्त की रात चौका-कांड्रा मार्ग स्थित सरकारी अंग्रेजी शराब दुकान में बाइक सवार तीन बदमाशों ने पिस्टल और चाकू के बल पर दुकान के इंचार्ज और सेल्समैन के साथ मारपीट करते हुए लूट का प्रयास किया था।
बताया जाता है कि उसी रात बदमाशों ने उरमाल स्थित पेट्रोल पंप से करीब 25 हजार रुपये नकद लूटे थे। उसी दिन बदमाशों ने चावलीबासा स्थित एक राशन दुकान में भी चोरी की घटना को अंजाम दिया गया था।
लगातार हुई इन घटनाओं के बाद भी यदि पुलिस अब तक अपराधियों तक नहीं पहुंच पाई है और उसी इलाके में हथियार के बल पर एक और लूट हो जाती है, तो पुलिस की गश्ती व्यवस्था और अपराध नियंत्रण की रणनीति पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
एक ही गिरोह की आशंका, फिर भी अपराधियों तक नहीं पहुंची पुलिस
पुलिस खुद मान रही है कि चौका क्षेत्र में हाल के दिनों में हुई कई आपराधिक घटनाओं के पीछे एक ही गिरोह का हाथ हो सकता है। इसके बावजूद गिरोह की गिरफ्तारी नहीं होना पुलिस की जांच व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। खासकर चौका-कांड्रा मार्ग जैसे व्यस्त सड़क मार्ग पर लगातार हथियारबंद अपराधियों की सक्रियता स्थानीय कारोबारियों के लिए चिंता का विषय बन गई है।
होटल, ढाबा, पेट्रोल पंप, लाइसेंसी शराब दुकान और छोटे दुकानदारों को निशाना बनाए जाने से कारोबारियों में भय का माहौल है। रात के समय सड़क किनारे संचालित प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता सामने आने लगी है।
पुलिस के दावों और जमीनी हकीकत में अंतर
हर वारदात के बाद पुलिस संभावित ठिकानों पर छापेमारी और वाहन जांच की बात कहती है, लेकिन सवाल यह है कि 20 अगस्त की घटनाओं के 15 दिन बाद भी यदि अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं हुई और इसी क्षेत्र में एक और हथियारबंद लूट हो गई, तो अपराधियों पर पुलिस का खौफ आखिर कितना है?
लगातार वारदातें यह संकेत दे रही हैं कि अपराधियों को पुलिस की कार्रवाई का भय नहीं रह गया है। ऐसे में केवल घटना के बाद वाहन जांच और छापेमारी तक पुलिस की कार्रवाई सीमित रहने से अपराध पर अंकुश लगाना मुश्किल होगा। स्थानीय लोगों और कारोबारियों का कहना है कि पुलिस को रात्रि गश्ती मजबूत करने के साथ-साथ पुराने मामलों का शीघ्र खुलासा कर अपराधियों को गिरफ्तार करना होगा।
फिलहाल नई लूट की घटना ने चौका पुलिस के सामने एक और चुनौती खड़ी कर दी है। अब देखना यह है कि पुलिस इस बार अपराधियों तक कितनी जल्दी पहुंचती है या यह मामला भी पुराने मामलों की तरह जांच और छापेमारी के बीच उलझकर रह जाता है।


