संगठित अपराध व जालसाजी मामले में कंपनी सचिव रमेश सिंह को हाईकोर्ट से जमानत

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संगठित अपराध व जालसाजी मामले में कंपनी सचिव रमेश सिंह को हाईकोर्ट से जमानत

रांची /जमशेदपुर, 21 नवंबर : झारखंड उच्च न्यायालय के न्यायाधीश अंबुज नाथ की खंडपीठ ने कंपनी सचिव रमेश सिंह को कथित संगठित अपराध, अमानत में खयानत, धोखाधड़ी और जालसाजी से जुड़े मामले में जमानत दे दी है। यह फैसला बेल पिटीशन संख्या 9645/2025 पर सुनवाई के बाद सुनाया गया।

रमेश सिंह के खिलाफ मानस मिश्रा ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्होंने टाटा मोटर्स की एथिक्स कमिटी को फर्जी मेल भेजकर कथित रूप से उनकी व उनके सहयोगियों की छवि खराब की। पुलिस ने आपराधिक मानहानि के बजाय उन पर संगीन धाराएं लगाकर 9 सितंबर 2025 को उन्हें गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के समय परिवार या आरोपी को लिखित कारण न बताने को लेकर बचाव पक्ष ने सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के उल्लंघन का मुद्दा भी उठाया था।

मामला दर्ज करते समय पुलिस ने संगठित अपराध सहित गंभीर धाराओं का उपयोग किया, जबकि बचाव पक्ष का कहना था कि न तो रमेश सिंह का आपराधिक रिकॉर्ड है और न ही ऐसे आरोप लगाने की कानूनी शर्तें पूरी होती हैं। व्यवहार न्यायालय द्वारा दो बार जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद मामला हाईकोर्ट पहुंचा।

उच्च न्यायालय ने कहा कि आरोपी 74 दिनों से जेल में है, उसका कोई पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है और पुलिस उसके खिलाफ लगाए गए आरोपों को पुख्ता रूप से साबित नहीं कर सकी है। इसलिए आरोपी जमानत का पात्र है।

रमेश सिंह की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अखिलेश श्रीवास्तव, रोहित सिंहा, नेहा अग्रवाल, एम.आई. हसन और स्वागतिका दास ने पैरवी की।

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