सरायकेला : माटी शिल्पकारों को मिला विद्युत चाक, उत्पादन क्षमता में आएगी क्रांतिकारी वृद्धि

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सरायकेला : माटी शिल्पकारों को मिला विद्युत चाक, उत्पादन क्षमता में आएगी क्रांतिकारी वृद्धि

 

सरायकेला, 12 अगस्त : जिले में पारंपरिक हस्तशिल्प को आधुनिक तकनीक से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए उद्योग विभाग और माटीकला बोर्ड के तत्वावधान में 20 चयनित माटी शिल्पकारों को 90% अनुदान पर विद्युत चाक वितरित किए गए।

पहले चरण के अंतर्गत यह वितरण कार्यक्रम आज उपायुक्त नितिश कुमार सिंह के कार्यालय कक्ष में आयोजित हुआ, जिसमें झिमड़ी पंचायत (नीमडीह प्रखंड) की लाभुक पूनम देवी को सांकेतिक रूप से विद्युत चाक प्रदान किया गया।

उपायुक्त ने इस अवसर पर कहा, “माटी शिल्प हमारे पारंपरिक हस्तशिल्प और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का अभिन्न हिस्सा है। विद्युत चाक के प्रयोग से उत्पादन क्षमता और गुणवत्ता में सुधार होगा, जिससे शिल्पकारों की आय में बढ़ोतरी होगी।” उन्होंने लाभुकों से निष्ठा और लगन से कार्य करने के साथ-साथ अन्य इच्छुक लोगों को भी सरकारी योजनाओं से जुड़ने के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में जिला उद्योग केंद्र, चाईबासा के महाप्रबंधक रवि शंकर प्रसाद, EoDB प्रबंधक रोहित कुमार, जिला उद्यमी समन्वयक और विभिन्न प्रखंडों के उद्योग समन्वयक उपस्थित थे।

माटी शिल्प झारखंड की सांस्कृतिक पहचान का एक अहम हिस्सा है, लेकिन लंबे समय से यह पेशा घटते बाजार और पारंपरिक तकनीक की सीमाओं से जूझ रहा था। ऐसे में 90% अनुदान पर विद्युत चाक का वितरण न सिर्फ उत्पादन को तेज़ करेगा बल्कि शिल्पकारों को बाजार में प्रतिस्पर्धी भी बनाएगा। हालाँकि, यह पहल तभी स्थायी सफलता देगी जब इसके साथ विपणन सहायता, डिज़ाइन ट्रेनिंग और ऑनलाइन बिक्री मंच तक पहुंच भी सुनिश्चित की जाए। केवल उपकरण देना पहला कदम है — असली बदलाव तब होगा जब शिल्पकारों के उत्पाद राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहुँचेंगे।

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