गम्हरिया, 26 जून : जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए), सरायकेला-खरसावां के निर्देश पर शुक्रवार को वात्सल्य बालिका गृह, गम्हरिया में मादक द्रव्यों के दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी के विरुद्ध जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बालिकाओं एवं समाज को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराना तथा नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए प्रेरित करना था।
कार्यक्रम की अध्यक्षता बाल संरक्षण अधिकारी संतोष ठाकुर ने की। उन्होंने मादक द्रव्यों के सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक दुष्प्रभावों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील की।
मुख्य अतिथि सैयद अयाज़ हैदर ने कहा कि समाज में नशीले पदार्थों का सेवन लगातार बढ़ रहा है, जो गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि आजकल ऑनलाइन माध्यमों से भी मादक पदार्थों की बिक्री की जा रही है और मासूम बच्चों व युवाओं को इसका शिकार बनाया जा रहा है। ऐसे में परिवार और समाज को जागरूक रहकर इस खतरे से बचाने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम में एलएडीसी विजय कुमार महतो ने राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA), झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (JHALSA) एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) की भूमिका और आम नागरिकों को उपलब्ध कराई जाने वाली नि:शुल्क विधिक सहायता की जानकारी दी।
प्रशिक्षक पीयूष सेनगुप्ता ने मादक द्रव्यों के दुरुपयोग और उनकी अवैध तस्करी की रोकथाम के लिए सभी से सतर्क एवं जागरूक रहने का आह्वान किया। वहीं, बालिका गृह के संरक्षक प्रमोद कुमार वर्मा ने उपस्थित सभी को नशामुक्त जीवन जीने तथा नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने की शपथ दिलाई।
कार्यक्रम में चाइल्ड हेल्पलाइन की परियोजना समन्वयक कविता मिश्रा, समीर महतो, विश्वाजीत सिंह मोदक, गीता सिंह, बालिका गृह की संचालिका ज्योति कुमारी, गृह अधीक्षक शालिनी कुमारी, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पीएलवी तथा बालिका गृह के कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में बालिकाएं उपस्थित थीं।