डेढ़ साल से न्याय की आस में भटक रही विधवा, पड़ोसी पर रैयती जमीन कब्जाने का आरोप – एसडीओ ने लिया संज्ञान, मापी से पहले निर्माण पर रोक लगाने की उठी मांग
चांडिल, 04 जुलाई : सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल अंचल अंतर्गत लेंगडीह गांव में जमीन विवाद का मामला सामने आया है। एक विधवा महिला ने अपने पड़ोसी पर उसकी रैयती भूमि पर अवैध कब्जा कर मकान निर्माण कराने का आरोप लगाया है। महिला का कहना है कि वह पिछले डेढ़ वर्ष से न्याय और भूमि की सरकारी मापी की मांग को लेकर विभिन्न सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगा रही है, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हो सका है।
पीड़िता उर्मिला महतो, जो मूल रूप से कुकड़ू अंचल के डाटम गांव की निवासी हैं और पति के निधन के बाद वर्तमान में लेंगडीह में रह रही हैं, ने बताया कि उनके ससुर स्वर्गीय मनोहर महतो के नाम पर लेंगडीह मौजा के खाता संख्या-11, प्लॉट संख्या-173 में 42 डिसमिल रैयती भूमि खतियान में दर्ज है। उनके अनुसार उक्त भूमि से सटी जमीन पड़ोसी सौमित्रा राणा उर्फ बबलू राणा की है।
उर्मिला महतो का आरोप है कि सौमित्रा राणा के नाम पर खाता संख्या-34 के प्लॉट संख्या-174 में लगभग दो डिसमिल भूमि दर्ज है। उनका कहना है कि यदि उक्त दो डिसमिल भूमि को सही भी मान लिया जाए, तब भी वर्तमान में कराया जा रहा निर्माण कार्य निर्धारित सीमा से बाहर उनकी भूमि पर किया जा रहा है।
महिला ने बताया कि निर्माण कार्य रुकवाने और सरकारी स्तर पर भूमि की मापी कराने के लिए उन्होंने पिछले डेढ़ वर्ष के दौरान कई बार संबंधित अधिकारियों से गुहार लगाई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। बाद में उन्होंने चांडिल अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) को लिखित शिकायत दी, जिस पर एसडीओ ने मामले का संज्ञान लिया।
उर्मिला महतो का आरोप है कि एसडीओ द्वारा मामले में संज्ञान लेने और निर्माण कार्य रोकने का आदेश जारी किए जाने के बावजूद पड़ोसी द्वारा लगातार निर्माण कार्य कराया जा रहा है तथा प्रशासनिक आदेश की भी अनदेखी की जा रही है।
पीड़िता ने प्रशासन से मांग की है कि पहले दोनों पक्षों की मौजूदगी में सरकारी स्तर पर भूमि की विधिवत मापी कराई जाए और मापी पूरी होने तक विवादित स्थल पर किसी भी प्रकार के निर्माण कार्य पर रोक लगाई जाए, ताकि निष्पक्ष जांच के बाद वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।
हालांकि, इस मामले में दूसरे पक्ष सौमित्रा राणा उर्फ बबलू राणा का पक्ष प्राप्त नहीं हो सका है। उनका पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।