अधिकारियों का तबादला नहीं, पुलिस बल को मजबूत करना ही स्थायी समाधान : झारखंड पुलिस एसोसिएशन

MANBHUM UPDATES
3 Min Read

अधिकारियों का तबादला नहीं, पुलिस बल को मजबूत करना ही स्थायी समाधान : झारखंड पुलिस एसोसिएशन

रांची, 04 जुलाई : झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने जमशेदपुर और सरायकेला-खरसावां के वरीय पुलिस अधिकारियों के हालिया स्थानांतरण पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि केवल अधिकारियों का तबादला कर देने से कानून-व्यवस्था की चुनौतियों का स्थायी समाधान संभव नहीं है। एसोसिएशन ने राज्य सरकार से पुलिस बल को संख्या, संसाधन और अधिकारों के स्तर पर सशक्त बनाने की मांग की है।

प्रदेश अध्यक्ष राहुल कुमार मुर्मू ने जारी बयान में कहा कि ट्रांसफर-पोस्टिंग शासन और पुलिस प्रशासन की नियमित प्रक्रिया है तथा इस पर एसोसिएशन को कोई आपत्ति नहीं है। लेकिन हाल में जमशेदपुर में डीजे विवाद के दौरान हुई चाकूबाजी और उपद्रव की घटना के बाद जिस प्रकार जमशेदपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक और सरायकेला-खरसावां के पुलिस अधीक्षक का स्थानांतरण किया गया, उससे अपराध और उपद्रव की समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकलेगा।

उन्होंने कहा कि घटना के समय पीसीआर वैन में मात्र दो से तीन पुलिसकर्मी तैनात थे। ऐसे में सीमित संख्या में मौजूद जवानों से 10 से 20 हथियारबंद उपद्रवियों का मुकाबला करने की अपेक्षा करना व्यावहारिक नहीं है। पुलिसकर्मी सीमित संसाधनों, अपर्याप्त संख्या बल और कानूनी दायरे में रहकर अपनी जान जोखिम में डालते हुए चौबीसों घंटे सेवा दे रहे हैं।

राहुल कुमार मुर्मू ने कहा कि राज्य में पुलिस बल की वास्तविक जरूरतों पर गंभीर आत्ममंथन होना चाहिए। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि पुलिस बल की संख्या बढ़ाई जाए, आधुनिक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं तथा पुलिसकर्मियों को प्रभावी ढंग से कार्य करने के लिए आवश्यक अधिकार दिए जाएं। उनका कहना था कि अपराधियों का मनोबल तोड़ने के लिए केवल अधिकारियों का स्थानांतरण पर्याप्त नहीं है, बल्कि असामाजिक तत्वों और उपद्रवियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई जरूरी है।

उन्होंने मुख्यमंत्री की उग्रवाद नियंत्रण की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस प्रकार राज्य में उग्रवाद पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया गया, उसी तरह शहरी अपराधियों और असामाजिक तत्वों के विरुद्ध भी ठोस एवं दीर्घकालिक नीति अपनाने की आवश्यकता है।

झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने राज्य सरकार से आग्रह किया है कि प्रशासनिक फेरबदल से आगे बढ़कर पुलिस व्यवस्था को बुनियादी स्तर पर मजबूत करने के लिए ऐतिहासिक कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में कोई भी अपराधी या उपद्रवी कानून को चुनौती देने का साहस न कर सके।

Share This Article