सोनम वांगचुक के समर्थन में निकली पैदल यात्रा, शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता व जवाबदेही की उठी मांग
पटमदा, 20 जुलाई : नई दिल्ली के जंतर-मंतर में समाजसेवी एवं पर्यावरणविद सोनम वांगचुक के अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के समर्थन में सोमवार को पटमदा प्रखंड के कांकीडीह से काटिन चौक तक एक पैदल यात्रा निकाली गई। यात्रा में बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, युवाओं एवं स्थानीय नागरिकों ने भाग लेकर शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, परीक्षा घोटालों की निष्पक्ष जांच तथा लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की मांग की।
पैदल यात्रा के दौरान प्रतिभागियों ने शांतिपूर्ण ढंग से जनजागरण करते हुए शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने, युवाओं के भविष्य की सुरक्षा तथा संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के पक्ष में अपनी आवाज बुलंद की।
कुमिर पंचायत के मुखिया दीपक कोड़ा मुड़ी ने कहा कि शिक्षा किसी भी राष्ट्र के विकास की आधारशिला है। यदि छात्रों का भविष्य सुरक्षित रहेगा तभी देश मजबूत बनेगा। युवाओं के हित, न्याय और पारदर्शिता की मांग को लोकतांत्रिक तरीके से उठाया जाना लोकतंत्र की मजबूती का प्रतीक है।
समाजसेवी विश्वनाथ महतो ने कहा कि देश के युवाओं का भविष्य किसी भी राजनीति से ऊपर है। शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली और युवाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए समाज के सभी वर्गों को एकजुट होकर शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठानी चाहिए। संविधान हमें अपनी बात रखने का अधिकार देता है और इसी भावना के साथ यह पैदल यात्रा आयोजित की गई।
राजेश कुम्भकार ने कहा कि देश के युवाओं का भविष्य सुरक्षित रखने के लिए शिक्षा व्यवस्था में पूर्ण पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना समय की आवश्यकता है। लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने का अधिकार प्रत्येक नागरिक को है और समाज को ऐसे शांतिपूर्ण जनआंदोलनों के प्रति जागरूक रहना चाहिए।
इस अवसर पर कुमिर पंचायत के मुखिया दीपक कोड़ा मुड़ी, समाजसेवी विश्वनाथ महतो, राजेश कुम्भकार, उत्तम महतो, कृष्णपद महतो, गणेश कुम्भराकार, नरेश महतो, गणेश सोरेन जितेन्द्र मुर्मू, तपन महतो, गणेश मांडी सत्य नारायण कुंभकार, चिरंजीत कुंभकार, शिबू कुंभकार, मंगल कुंभकार, शुभजीत कुम्भकार सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता एवं स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन शांतिपूर्ण ढंग से किया गया।