जमशेदपुर : डिमना में शिक्षा और संस्कार का संगम, मांझी पारगाना महाल का प्रेरणादायक कार्यक्रम

जमशेदपुर, 21 अगस्त : सिदो कान्हो शिक्षा निकेतन, डिमना में गुरुवार को एक ऐतिहासिक पल का गवाह बना, जब मांझी पारगाना महाल द्वारा संचालित प्री-मैट्रिक कोचिंग सेंटर में शिक्षा, प्रेरणा और सामुदायिक सहयोग का अद्भुत संगम देखने को मिला। इस मौके पर छात्र-छात्राओं ने न सिर्फ उत्साह से कार्यक्रम में भाग लिया बल्कि मार्गदर्शन पाकर अपने भविष्य को लेकर नई ऊर्जा भी हासिल की।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आसनबनी तोरोप पारगाना के परगाना बाबा हरिपदो मुर्मू का विद्यालय प्रांगण में पारंपरिक ढंग से स्वागत किया गया। विशिष्ट अतिथि के रूप में पाराणिक बाबा लेदेम किस्कू भी उपस्थित रहे। विद्यालय परिवार के आत्मीय स्वागत ने पूरे वातावरण को उल्लासमय बना दिया।
मुख्य अतिथि हरिपदो मुर्मू ने छात्रावास का निरीक्षण किया और बच्चों से सीधे संवाद स्थापित किया। उन्होंने शिक्षा को जीवन का सबसे बड़ा धन बताते हुए कहा कि कठिनाइयों से लड़कर ही मंजिल हासिल की जा सकती है। उनके प्रेरक शब्द बच्चों के लिए हौसले और आत्मविश्वास का संचार करने वाले साबित हुए।
खेल सामग्री का वितरण
बाबा हरिपदो मुर्मू ने बच्चों को खेल सामग्रियां भी वितरित कीं। उन्होंने कहा कि “खेल केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि अनुशासन, टीमवर्क और नेतृत्व जैसे गुणों को विकसित करने का साधन है।” उन्होंने बच्चों से खेल और पढ़ाई में संतुलन बनाकर आगे बढ़ने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान आयोजित प्रश्नोत्तरी सत्र ने छात्रों का मनोबल और बढ़ा दिया। बच्चों ने अपने सपनों और भविष्य से जुड़े सवाल पूछे, जिनका संतोषजनक उत्तर पारगाना बाबा ने अपने अनुभवों के आधार पर दिया।
इस मौके पर मंगल मुर्मू (चेयरमैन), क्षेत्र मोहन टुडू (सह सचिव), दीपक मुर्मू (डिमना मांझी बाबा) और सुनील हेंम्ब्रम (तुरिया बेड़ा मांझी बाबा) समेत कई गणमान्य उपस्थित रहे। सभी ने शिक्षा को समुदाय की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए बच्चों को आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
यह कार्यक्रम न केवल छात्रों के लिए अविस्मरणीय बन गया बल्कि शिक्षा और सामाजिक सहयोग के क्षेत्र में एक मिसाल के तौर पर भी याद किया जाएगा।



