दिशोम गुरु को श्रद्धांजलि स्वरूप सादगी से मना कोल्हान विश्वविद्यालय का स्थापना दिवस

चाईबासा, 13 अगस्त : कोल्हान विश्वविद्यालय ने अपने स्थापना के 16 वर्ष पूरे कर 17वें वर्ष में प्रवेश किया। आमतौर पर 13 अगस्त को विश्वविद्यालय का स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया जाता है, लेकिन इस बार दिशोम गुरु और झारखंड के शिल्पकार शिबू सोरेन के निधन के कारण समारोह सादगी से आयोजित किया गया।
विश्वविद्यालय के सीनेट हाल में हुए कार्यक्रम में वित्त परामर्शी के.के. मिश्रा, सीसीडीसी डॉ. आर.के. चौधरी, वित्त पदाधिकारी डॉ. बी.के. सिंह, परीक्षा नियंत्रक प्रो. रिंकी दुरई, खेल पदाधिकारी डॉ. एम.एन. सिंह, पूर्व प्रोक्टर डॉ. एम.ए. खान, मानविकी संकायाध्यक्ष डॉ. तपन खंडरा, सिंडिकेट सदस्य डॉ. संजय कुमार, सीनेट सदस्य प्रत्यूष कुमार पाणी, डिप्टी रजिस्ट्रार एम.के. मिश्रा और टीआरएस विभाग के प्रो. सुभाष चंद्र महतो समेत कई गणमान्य मौजूद थे।
वक्ताओं ने विश्वविद्यालय की स्थापना से लेकर अब तक की उपलब्धियों और चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने, अनुसंधान को प्रोत्साहित करने और कोल्हान विश्वविद्यालय को देश के अग्रणी शिक्षण संस्थानों की श्रेणी में लाने की रणनीतियों पर अपने विचार रखे।
कार्यक्रम का संयोजन डॉ. आर.के. चौधरी ने किया, संचालन एनएसएस कोऑर्डिनेटर डॉ. दारा सिंह गुप्ता ने और धन्यवाद ज्ञापन आईक्यूएसी निदेशक डॉ. आर.के. कर्ण ने दिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षक और कर्मचारी शामिल हुए तथा सभी ने विश्वविद्यालय की गरिमा और प्रतिष्ठा को बढ़ाने का संकल्प लिया।



