दिशोम गुरु शिबू सोरेन पंचतत्व में विलीन: सीएम हेमंत सोरेन ने दी मुखाग्नि, मल्लिकार्जुन खड़गे-राहुल गांधी सहित कई दिग्गज नेता रहे मौजूद

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दिशोम गुरु शिबू सोरेन पंचतत्व में विलीन: सीएम हेमंत सोरेन ने दी मुखाग्नि, मल्लिकार्जुन खड़गे-राहुल गांधी सहित कई दिग्गज नेता रहे मौजूद

मानभूम अपडेट्स,रांची,5 अगस्त : झारखंड आंदोलन के प्रणेता, झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के संस्थापक संरक्षक और पूर्व मुख्यमंत्री दिशोम गुरु शिबू सोरेन का मंगलवार शाम को उनके पैतृक गांव नेमरा में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया। उन्हें उनके मझले पुत्र एवं वर्तमान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मुखाग्नि दी। इस दौरान शोक में डूबे हजारों लोग उनकी अंतिम यात्रा में शामिल हुए।

शिबू सोरेन का अंतिम संस्कार रामगढ़ जिले के गोला प्रखंड स्थित नेमरा गांव के प्राचीन श्मशान घाट पर किया गया, जहां उनके समर्थकों और राजनीतिक नेताओं का भारी जमावड़ा रहा। अंतिम दर्शन के लिए जनसैलाब उमड़ा रहा। लोगों ने ‘गुरुजी अमर रहें’ के नारों के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी।

नेताओं का जुटान, राजनीतिक सीमाएं टूटीं

दिशोम गुरु के अंतिम संस्कार में सभी दलों के नेताओं ने भाग लिया और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा, आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो, जेएलकेएम अध्यक्ष जयराम महतो, झामुमो के कार्यकारी अध्यक्ष बसंत सोरेन सहित कई मंत्री, सांसद, विधायक और पूर्व सांसद उपस्थित रहे।

राज्य सरकार की ओर से उन्हें राजकीय सम्मान भी दिया गया। झारखंड पुलिस के जवानों ने सलामी देकर श्रद्धांजलि दी।

दिल्ली से रांची, फिर रांची से नेमरा तक उमड़ा जनसैलाब

गौरतलब है कि 81 वर्षीय शिबू सोरेन का सोमवार सुबह दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में निधन हो गया था। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे और अस्पताल में इलाजरत थे।

सोमवार शाम को उनका पार्थिव शरीर विशेष विमान से रांची लाया गया, जहां मोरहाबादी स्थित सरकारी आवास में आम जनता और राजनीतिक नेताओं के अंतिम दर्शन हेतु रखा गया। मंगलवार सुबह उनका पार्थिव शरीर झारखंड विधानसभा ले जाया गया, जहां राज्यपाल, विधानसभा अध्यक्ष, मंत्रिमंडल के सदस्य, विभिन्न दलों के विधायकों और वरिष्ठ अधिकारियों ने श्रद्धांजलि दी।

इसके पश्चात शव यात्रा उनके पैतृक गांव नेमरा के लिए रवाना हुई। रास्ते में कई स्थानों पर लोगों ने शव वाहन को रोक कर पुष्पांजलि अर्पित की।

राजनीतिक सफर और विरासत

शिबू सोरेन झारखंड आंदोलन के अगुवा रहे। उन्होंने आदिवासी, दलित और शोषित वर्गों के हक और अधिकारों के लिए लंबी लड़ाई लड़ी। वे तीन बार झारखंड के मुख्यमंत्री रहे। साथ ही एक बार केंद्र में कोयला मंत्री के पद पर भी आसीन हुए। दुमका से कई बार लोकसभा सांसद रहे और अंततः राज्यसभा सांसद के रूप में उन्होंने अपना राजनीतिक जीवन समाप्त किया।उनका जाना न केवल झारखंड, बल्कि पूरे देश की राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति है।

जनता की आंखें नम, गुरुजी की यादें अमर

गांव से लेकर राजधानी तक, आम जनता और समर्थकों की आंखें नम थीं। नेमरा गांव में मातमी सन्नाटा पसरा रहा। लोग श्रद्धा और भावुकता से ओतप्रोत होकर उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंचे।

शिबू सोरेन अब हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनका संघर्ष, विचार और विरासत सदैव झारखंड और उसके लोगों को प्रेरित करती रहेगी। झारखंड की माटी में उनकी आत्मा रच-बस गई है।

“झारखंड के माटीपुत्र को अंतिम जोहार।”

 

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