दिशोम गुरु के निधन पर झारखंड की राजनीति में शोक की लहर, सुदेश महतो बोले – एक युग का हुआ अंत

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दिशोम गुरु के निधन पर झारखंड की राजनीति में शोक की लहर, सुदेश महतो बोले – एक युग का हुआ अंत

रांची, 04 अगस्त : ManbhumUpdates.com

झारखंड आंदोलन के प्रणेता और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन पर पूरे झारखंड में शोक की लहर है। इस दुखद अवसर पर सोमवार शाम राजधानी रांची स्थित उनके आवास पर झारखंड की राजनीति से जुड़े तमाम दिग्गज नेता एकत्र हुए और श्रद्धांजलि अर्पित की।

उपरोक्त तस्वीर में झारखंड के मौजूदा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बीच में बैठे दिख रहे हैं, जो अपने पिता के पार्थिव शरीर के पास शोकाकुल मुद्रा में हैं। उनके दाहिनी ओर झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं ओडिशा के पूर्व राज्यपाल रघुवर दास मौजूद हैं, वहीं बाईं ओर आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश महतो बैठे हैं। इन तीनों नेताओं की यह उपस्थिति यह दर्शाती है कि गुरुजी का राजनीतिक योगदान दलगत सीमाओं से परे था।

इस अवसर पर आजसू प्रमुख सुदेश महतो ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि – “एक युग का अवसान हो गया। जयपाल सिंह मुंडा के बाद बिखर चुके झारखंड आंदोलन को गुरुजी ने एकजुट किया और नई दिशा दी। उन्होंने आदिवासी समाज के सम्मान और अधिकारों की लड़ाई को जिस संकल्प और संघर्ष के साथ लड़ा, वह हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।”

उन्होंने कहा कि गुरुजी से संवाद और उनसे अनुभवों को सीखना उनके राजनीतिक जीवन की अमूल्य धरोहर है। छात्र जीवन से ही आंदोलन में सक्रिय सुदेश महतो ने बताया कि राहें भले अलग हुईं, परंतु गुरुजी की आत्मीयता और स्नेह हमेशा बना रहा।

सुदेश महतो ने कहा कि “झारखंड बनने के बाद गुरुजी हमेशा चाहते थे कि यह राज्य देश में नंबर एक बने। उनका जाना न केवल राजनीतिक क्षति है, बल्कि वैचारिक नेतृत्व की कमी भी छोड़ गया है,” उन्होंने कहा।

गौरतलब है कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन ने झारखंड आंदोलन को मजबूत आधार दिया और आदिवासी अधिकारों की लड़ाई को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाया। उनका निधन झारखंड के इतिहास में एक युग के अंत के रूप में देखा जा रहा है।

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