चांडिल: डोबो-दोमुहानी पुल पर फिर आत्महत्या की कोशिश, युवती को समय रहते बचाया गया

स्थानीय लोगों और पुलिस की सतर्कता से टली अनहोनी, मानसिक स्वास्थ्य पर खड़े हुए गंभीर सवाल
चांडिल, 04 अगस्त : सरायकेला-खरसावां जिले के कपाली ओपी अंतर्गत डोबो-दोमुहानी पुल एक बार फिर चर्चा में है। सोमवार को इस पुल से एक अज्ञात युवती ने नदी में छलांग लगाकर आत्महत्या का प्रयास किया। हालांकि स्थानीय लोगों की सतर्कता और पुलिस की त्वरित कार्रवाई से उसकी जान बचा ली गई, लेकिन यह घटना समाज में मानसिक स्वास्थ्य और आत्महत्या के बढ़ते मामलों पर एक बार फिर गंभीर प्रश्नचिन्ह छोड़ गई है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोपहर में पुल से गुजर रहे कुछ लोगों ने युवती को नदी में छलांग लगाते देखा और तत्काल इसकी सूचना कपाली ओपी को दी। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी धीरंजन कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची और गोताखोरों की मदद से युवती को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
घटना के बाद युवती को तत्काल ब्रह्मानंद अस्पताल, तामोलिया ले जाया गया। यहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे टाटा मुख्य अस्पताल (TMH), जमशेदपुर रेफर कर दिया।
पहचान के बाद खुलासा: साकची की रहने वाली है पूनम
घटना के बाद युवती की पहचान तुरंत नहीं हो सकी थी, लेकिन बाद में पुलिस ने पुष्टि की कि उसका नाम पूनम है और वह जमशेदपुर के साकची थाना क्षेत्र की निवासी है। पुलिस अब यह जानने में जुटी है कि किन परिस्थितियों ने उसे इस तरह का कदम उठाने के लिए मजबूर किया।
पुलिस युवती की पारिवारिक पृष्ठभूमि, मानसिक स्थिति और किसी संभावित उत्पीड़न या सामाजिक दबाव की जांच कर रही है। यह घटना इस बात की ओर इशारा करती है कि समाज मानसिक रूप से संघर्ष कर रहे लोगों को न तो समय पर पहचान पा रहा है और न ही उन्हें पर्याप्त सहयोग मिल पा रहा है।
डोबो-दोमुहानी पुल बना आत्महत्या का ‘हॉटस्पॉट’
गौरतलब है कि बीते दिनों इसी पुल से जमशेदपुर के भुइयांडीह निवासी सुमित्रा प्रमाणिक ने भी नदी में कूदकर आत्महत्या कर ली थी। उसका शव हाल ही में बरामद किया गया था। लगातार हो रही आत्महत्या की घटनाओं से स्थानीय लोग चिंतित हैं।
सुरक्षा इंतजाम की उठी मांग
स्थानीय लोगों ने डोबो-दोमुहानी पुल पर मानगो पुल की तर्ज पर मजबूत बेरिकेडिंग और जाली लगाने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। लोगों का कहना है कि पुल पर सुरक्षा के पर्याप्त उपाय न होने के कारण यह स्थान आत्महत्या के लिए ‘नरम लक्ष्य’ बनता जा रहा है।



