हेमंत सरकार हर मोर्चे पर विफल : आजसू के केंद्रीय उपाध्यक्ष प्रवीण प्रभाकर

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हेमंत सरकार हर मोर्चे पर विफल : आजसू के केंद्रीय उपाध्यक्ष प्रवीण प्रभाकर

ओबीसी आरक्षण, विकास कार्यों की रफ्तार और नगर निकाय चुनाव में देरी को लेकर सरकार पर साधा निशाना

जमशेदपुर, 03 अगस्त : आजसू पार्टी के केंद्रीय उपाध्यक्ष प्रवीण प्रभाकर ने राज्य की हेमंत सोरेन सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक है, विकास कार्य ठप हैं और ओबीसी आरक्षण को लेकर सरकार की नीयत भी साफ नहीं है।

प्रेस वार्ता के दौरान श्री प्रभाकर ने आरोप लगाया कि झामुमो–कांग्रेस गठबंधन ने केवल राजनीतिक सौदेबाजी की, जबकि आजसू ने झारखंड राज्य के लिए संघर्ष किया। उन्होंने कहा, “अगर 1993 में झामुमो–कांग्रेस ने सौदेबाजी के बजाय आंदोलन का रास्ता अपनाया होता, तो राज्य का गठन उसी समय हो गया होता।”

परिसदन में आयोजित इस प्रेस वार्ता में केंद्रीय मीडिया संयोजक परवाज खान, जिला उपाध्यक्ष संजय सिंह, प्रवक्ता अप्पू तिवारी, देवाशीष चट्टोराज, अभय सिंह समेत अन्य पार्टी नेता उपस्थित थे।

श्री प्रभाकर ने कहा कि पिछले चार महीनों से राज्य में विकास योजनाओं पर कोई खर्च नहीं हो रहा है। “सरकार मुख्यमंत्री मइया योजना की राशि जुटाने में ही व्यस्त है, जबकि जमीनी स्तर पर विकास पूरी तरह ठप है,” उन्होंने कहा।

नगर निकाय चुनावों में हो रही देरी पर उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर इन चुनावों को टाल रही है और ओबीसी समुदाय को आरक्षण देने से बच रही है। उन्होंने कहा कि आवश्यक ‘ट्रिपल टेस्ट’ प्रक्रिया में भी गड़बड़ी की जा रही है। साथ ही उन्होंने मांग की कि ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण जल्द दिया जाए।

श्री प्रभाकर ने राज्य की स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि “राज्य के मरीज खाट पर ढोए जा रहे हैं और सरकार अटल क्लिनिक का नाम बदलने में व्यस्त है। इससे दोनों महान हस्तियों – अटल बिहारी वाजपेयी और मदर टेरेसा – का अपमान हुआ है।”

आजसू नेता ने यह भी दावा किया कि झारखंड आंदोलन के दौरान केंद्र सरकार ने पहली वार्ता 1989 में आजसू से की थी। 1999 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार ने आजसू के सुझाव पर ‘वनांचल’ के बजाय ‘झारखंड’ नाम को मंजूरी दी थी। उन्होंने झारखंड राज्य निर्माण में आजसू की केंद्रीय भूमिका को दोहराया।

वार्ता में पार्टी नेताओं ने एक स्वर में राज्य सरकार की नीतियों की आलोचना की और कहा कि आजसू जनहित के मुद्दों को लेकर लगातार संघर्ष करती रहेगी।

 

रिपोर्ट : ManbhumUpdates.com

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