पश्चिमी सिंहभूम को पंचायत उन्नति सूचकांक में राज्य में तीसरा स्थान, मझगांव प्रखंड और कोटगढ़ पंचायत अव्वल

चाईबासा में जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित, उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पंचायत प्रतिनिधियों को मिला प्रशस्ति पत्र
चाईबासा, 01 अगस्त : कोल्हान विश्वविद्यालय के सभागार में शुक्रवार को पंचायत उन्नति सूचकांक (1.0) के तहत एक जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में जिले के पंचायत प्रदर्शन की व्यापक समीक्षा करते हुए सूचकांक रिपोर्ट साझा की गई, जिसमें पश्चिमी सिंहभूम जिले को राज्य स्तर पर जिला कैटेगरी में तीसरा स्थान (56.48%) प्राप्त हुआ।
कार्यशाला में मुख्य रूप से जिला परिषद अध्यक्षा लक्ष्मी सुरेन, जिला परिषद उपाध्यक्ष रंजीत यादव, उप विकास आयुक्त संदीप कुमार मीणा, अपर समाहर्ता प्रवीण केरकेट्टा, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी सहित अन्य वरीय पदाधिकारी मौजूद थे।
रिपोर्ट के अनुसार, प्रखंड स्तर पर मझगांव ने 65.28% अंकों के साथ राज्य में पहला स्थान प्राप्त किया है, वहीं कुमारडुंगी प्रखंड 63.26% के साथ तीसरे स्थान पर रहा। पंचायत स्तर पर प्रखंड नोवामुंडी की कोटगढ़ पंचायत ने 68.08% अंकों के साथ राज्य में पहला स्थान प्राप्त कर जिले का नाम रोशन किया है। जिला स्तरीय रिपोर्ट में प्रखंड सोनुआ को तीसरा स्थान मिला है।

कार्यशाला में राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर अजय कुमार मिश्र ने पंचायत उन्नति सूचकांक की अवधारणा, मूल्यांकन पद्धति और सुधार के बिंदुओं पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि यह सूचकांक पंचायतों के समग्र विकास, सेवा वितरण, पारदर्शिता और सहभागी शासन पर आधारित है।
इस मौके पर जिला, प्रखंड एवं पंचायत स्तर पर कार्य कर रही टीमों को सम्मानित किया गया। जिले के नौ विषयों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पंचायतों के मुखिया एवं पंचायत सचिवों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर प्रोत्साहित किया गया।
कार्यशाला में सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, चिकित्सा पदाधिकारी, सीडीपीओ, प्रखंड समन्वयक तथा विभिन्न विभागों के प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे। इस अवसर पर पंचायत प्रतिनिधियों और पदाधिकारियों ने स्थानीय शासन को और अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी और परिणाम आधारित बनाने की दिशा में काम करने का संकल्प दोहराया।
रिपोर्ट: ManbhumUpdates.com



