दलाईकेला नाले में डूबे चार युवकों के परिजनों से मिलने पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, परिजनों को बंधाया ढांढस

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दलाईकेला नाले में डूबे चार युवकों के परिजनों से मिलने पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, परिजनों को बंधाया ढांढस

सरायकेला-खरसावां, 27 जुलाई : शनिवार को भारी बारिश के कारण खरसावां प्रखंड अंतर्गत दलाईकेला गांव के पास उफनते नाले में डूबकर चार युवकों की मौत की घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। मृतकों में सिद्धेश्वर मंडल, हरिबास दास, मनोज साहू और सुनील साहू शामिल हैं। यह सभी युवक मछली पकड़ने गए थे, लेकिन अचानक पानी का बहाव तेज हो गया और वे उसकी चपेट में आ गए। ग्रामीणों और प्रशासन की मदद से घंटों की मशक्कत के बाद चारों के शव बरामद किए गए।

आज रविवार को झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री अर्जुन मुंडा दलाईकेला गांव पहुंचे और मृतकों के परिजनों से मिलकर संवेदना प्रकट की। उन्होंने इस हृदयविदारक घटना पर गहरा दुःख जताते हुए शोकाकुल परिवारों को ढांढस बंधाया।

अर्जुन मुंडा ने कहा, “यह घटना बेहद दर्दनाक है। चार युवा असमय इस दुनिया से चले गए, यह पूरे समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि दिवंगत आत्माओं को शांति और परिवार को इस दुख की घड़ी में संबल प्रदान करें।”

उन्होंने मौके पर मौजूद जिला प्रशासन से प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का आग्रह भी किया। गांव में उन्होंने स्थानीय ग्रामीणों से भी बातचीत की और क्षेत्र की समस्याओं की जानकारी ली।

प्रशासन ने तत्काल राहत का किया ऐलान

उधर, जिला प्रशासन की ओर से मृतकों के परिजनों को ₹4 लाख की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की गई है। साथ ही स्थानीय प्रशासन ने यह भी आश्वासन दिया है कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हो, इसके लिए खतरनाक नालों और पुलों पर चेतावनी संकेतक लगाए जाएंगे।

गांव में मातम, बंद रहा जनजीवन

घटना के बाद से पूरे दलाईकेला गांव में मातम पसरा हुआ है। रविवार को अधिकांश दुकानें और बाजार स्वतः बंद रहे। स्थानीय लोग भी मृतकों के परिजनों के साथ संवेदना जताने पहुंचते रहे।

बता दें कि शनिवार दोपहर मछली पकड़ने निकले चारों युवक जब दलाईकेला गांव के पास नाले को पार कर रहे थे, तभी भारी बारिश के कारण अचानक जलस्तर बढ़ गया और तेज धार में बहते हुए सभी युवक डूब गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया और प्रशासन को सूचना दी। लगभग 5 घंटे की तलाश के बाद चारों शवों को बरामद किया गया।

यह हादसा क्षेत्रीय प्रशासन और राज्य सरकार के लिए चेतावनी है कि मानसून के दौरान नदियों और नालों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं ताकि भविष्य में ऐसे हादसों से बचा जा सके।

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