जमशेदपुर में समय कंस्ट्रक्शन प्रा. लि. में 9 करोड़ से अधिक के गबन का आरोप, निदेशक ने साकची थाना में दर्ज कराई प्राथमिकी

MANBHUM UPDATES
3 Min Read

जमशेदपुर में समय कंस्ट्रक्शन प्रा. लि. में 9 करोड़ से अधिक के गबन का आरोप, निदेशक ने साकची थाना में दर्ज कराई प्राथमिकी

जमशेदपुर, संवाददाता, 18 जुलाई : समय कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड में करोड़ों रुपये के गबन का सनसनीखेज मामला सामने आया है। कंपनी के निदेशक राजेश कुमार सिंह ने साकची थाना में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया है कि कंपनी के अन्य तीन निदेशक — अनूप रंजन, राम प्रकाश पांडेय और राजीव कुमार — ने फर्जी कागजात के सहारे अप्रैल 2017 से नवंबर 2024 के बीच कंपनी से 9 करोड़ 6 लाख रुपये से अधिक की राशि निकाल ली, जिसका कोई लेखा-जोखा नहीं दिया गया।

राजेश कुमार सिंह का कहना है कि जब उन्होंने निकाले गए पैसों का हिसाब मांगा, तो दिसंबर 2024 के बाद से इन लोगों ने पैसा निकालना बंद कर दिया, लेकिन पहले की निकाली गई रकम का कोई विवरण नहीं दिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इन तीनों निदेशकों ने न तो कंपनी को पूंजी दी और न ही कोई ऋण, फिर भी बिना प्रस्ताव के ब्याज और ब्याज का ब्याज निकालकर गबन किया गया। कंपनी की बैलेंस शीट में भी इस राशि का कोई उल्लेख नहीं है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि सारा लेन-देन कपटपूर्ण तरीके से किया गया।

एफआईआर में यह भी दर्ज है कि जब राजेश कुमार सिंह और उनकी पत्नी ने इस अनियमितता का विरोध किया, तो उन्हें 11 फरवरी 2025 को निदेशक पद से हटाने का ईमेल भेजा गया। उन्होंने इस निर्णय को कोलकाता स्थित एनसीएलटी (राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण) में चुनौती दी, जहां से 24 फरवरी 2025 को कंपनी की संरचना में किसी भी बदलाव पर रोक लगाने का अंतरिम आदेश पारित किया गया।

राजेश कुमार सिंह ने पुलिस को बताया कि 15 जुलाई 2025 को जब वह साकची स्थित कार्यालय पहुंचे, तो देखा कि उनकी कुर्सी, टेबल, कंप्यूटर, प्रिंटर और अलमारी हटा दी गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि अलमारी का ताला बदल दिया गया और उसमें रखे गबन से जुड़े दस्तावेज और ₹2 लाख नकद गायब थे।

राजेश कुमार सिंह ने मांग की है कि आरोपित निदेशकों के साथ उनकी पत्नियों के खिलाफ भी गबन, फर्जीवाड़ा, कूट रचना, आपराधिक षड्यंत्र और दस्तावेज गायब करने का मामला दर्ज कर कार्रवाई की जाए।

इस संबंध में साकची थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शुक्रवार को पुलिस की एक टीम ने कंपनी कार्यालय में छापेमारी की और दस्तावेजों की जांच शुरू की है।

Share This Article