सावन महीने में चांदी के शिवलिंग और अरघा वाले इस मंदिर में रोज होता रुद्राभिषेक

डेस्क, 15 जुलाई : पवित्र सावन माह में शिवालयों में रोज भक्तों की भीड़ शिव आराधना में लीन दिखाई दे रहे हैं। इस दौरान मंदिरों में विभिन्न प्रकार के धार्मिक व सांस्कृतिक अनुष्ठान किए जा रहे हैं और भक्तों के बीच महाप्रसाद का वितरण किया जा रहा है। आस्था के इस पवित्र माह में चारों ओर भक्ति का वातावरण बन गया है। अपने आराध्यदेव का जलाभिषेक करने के लिए प्रतिदिन सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लग रहा है। इसको लेकर शिवालयों में पहले से ही सारी तैयारियां पूरी कर ली गई थी। मंदिरों को आकर्षक रूप से सजाया-संवारा गया। अपने आसपास कई ऐसे प्राचीन और प्रसिद्ध शिवालय हैं जहां श्रद्धालुओं की परम आस्था है।
सावन में यहां रोज होता रुद्राभिषेक
चांडिल प्रखंड के सीमावर्ती गांव फदलोगोड़ा में टाटा-रांची राष्ट्रीय राजपथ 33 के किनारे वनदेवी काली मंदिर परिसर में स्थित है नागा बाबा शिवमंदिर। सावन महीने में यहां प्रतिदिन भगवान भोलेनाथ का रुद्राभिषेक किया जाता है। गुरु पूर्णमा के दिन मंदिर में गुरु पूजन का विशेष अनुष्ठान किया जाता है। उसी दिन से प्रतिदिन विद्धान पंडितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ रुद्राभिषेक किया जाता है। इस दौरान अपने आराध्यदेव के दर्शन-पूजन करने के लिए दूर-दराज से श्रद्धालु मंदिर पहुंचते हैं। सावन के सोमवारी पर यहां भक्तों की भीड़ उमड़ती है। वैसे वनदेवी काली मंदिर झारखंड ही नहीं आसपास के प्रदेशों के श्रद्धालुओं के आस्था का प्रमुख केंद्र है।

चांदी के शिवलिंग पर होता जलाभिषेक
फदलोगोड़ा स्थित वनदेवी काली मंदिर परिसर में स्थित नागा बाबा मंदिर में श्रद्धालु सावन के पावन अवसर पर चांदी के शिवलिंग पर जलाभिषेक करते हैं। नागा बाबा शिवमंदिर में 31 किलो चांदी से शिवलिंग और अरघा का निर्माण कराया गया है। मंदिर के श्रीमहंत और जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष विद्यानंद सरस्वती ने 1995 में चांदी के शिवलिंग और अरघा का निर्माण कराया है। श्रीमहंत विद्यानंद सरस्वती के गुरु महंत नागा शंकरानंद सरस्वती के समाधी स्थल पर स्थापित नागा बाबा मंदिर में श्रद्धालुओं की अटूट आस्था है। सावन के अलावा महाशिवरात्रि पर यहां भगवान भोलेनाथ का रूद्राभिषेक किया जाता है।



