सहकारिता योजनाओं की समीक्षा को लेकर उपायुक्त की अध्यक्षता में बैठक सम्पन्न — योजनाओं के प्रचार-प्रसार और प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर

सरायकेला, 14 जुलाई : जिला मुख्यालय स्थित समाहरणालय सभागार में सोमवार को सहकारिता विभाग के अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी नितिश कुमार सिंह ने की।
बैठक में DDM NABARD, जिला सहकारिता पदाधिकारी, जिला कृषि पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी, GMDIC समेत अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में सहकारिता विभाग के माध्यम से संचालित योजनाओं की समीक्षा, क्रियान्वयन में आ रही चुनौतियों की पहचान और समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाना रहा।
उपायुक्त श्री सिंह ने योजनाओं की अद्यतन प्रगति, लाभुकों की संख्या, कार्यान्वयन से जुड़ी बाधाओं और प्रस्तावित विकास कार्यों की बारीकी से जानकारी ली। लैंप्स की वर्तमान स्थिति, निबंधित समितियों की कार्यशीलता, गोदाम निर्माण के लिए चिन्हित भूमि की उपलब्धता, और बिरसा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत प्राप्त आवेदनों की प्रखंडवार समीक्षा की गई।
उन्होंने निर्देश दिया कि रबी फसल के अच्छादन में सुधार लाकर बीमा योजना को अधिक प्रभावी बनाया जाए। साथ ही, सहकारिता योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार की बात करते हुए पंचायत स्तर तक जागरूकता अभियान चलाने का सुझाव दिया ताकि पात्र लाभुक समय पर आवेदन कर सकें।
बैठक में सिधो-कान्हू कृषिवनोपज योजना की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने कहा कि किसानों को केवल पारंपरिक फलदार पौधों तक सीमित न रखते हुए, बेर, कटहल, पपीता, तरबूज जैसे बहुविकल्पीय फसलों को अपनाने के लिए प्रेरित किया जाए, जिससे कृषि से जुड़ी आय के नए द्वार खुल सकें।
बैठक के अंत में उपायुक्त नितिश कुमार सिंह ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि योजनाओं के धरातलीय क्रियान्वयन की सघन निगरानी करें, नियमित क्षेत्रीय भ्रमण कर वास्तविक स्थिति का मूल्यांकन करें और सुनिश्चित करें कि सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
उन्होंने कहा कि सहकारिता के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती दी जा सकती है, इसलिए योजनाओं का निष्पक्ष, पारदर्शी और प्रभावी क्रियान्वयन प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
यह समीक्षा बैठक सहकारिता क्षेत्र में सक्रियता और पारदर्शिता लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।



