
ई-केवाईसी और आधार सीडिंग का काम समय पर पूरा करने का अल्टीमेटम, गोदामों में खाद्यान्न स्टॉक का होगा भौतिक सत्यापन
सरायकेला, 05 नवंबर : जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाने और राशन वितरण में अनियमितताओं पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। उपायुक्त नीतिश कुमार सिंह ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि राशन वितरण में गड़बड़ी, लापरवाही या निर्धारित मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित राशन डीलरों एवं जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अनियमितता की पुष्टि होने पर खाद्यान्न की वसूली के साथ प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई भी की जाएगी।
गुरुवार को समाहरणालय सभागार में उपायुक्त की अध्यक्षता में आपूर्ति विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इसमें सार्वजनिक वितरण प्रणाली, खाद्यान्न उठाव एवं वितरण, ई-केवाईसी, आधार सीडिंग, राशन डीलरों की टैगिंग एवं री-टैगिंग, दाल-भात योजना, डाकिया योजना, चावल दिवस, सोना-सोबरन धोती-साड़ी योजना, नमक-चीनी वितरण तथा धान अधिप्राप्ति और किसानों के भुगतान की समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सभी पात्र लाभुकों को निर्धारित मात्रा में समय पर राशन उपलब्ध कराया जाए। ई-केवाईसी एवं आधार सीडिंग के लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करते हुए शत-प्रतिशत पात्र लाभुकों को इससे जोड़ने का निर्देश दिया गया। इसके लिए जरूरत के अनुसार गांवों में विशेष शिविर लगाने तथा तकनीकी एवं नेटवर्क संबंधी समस्याओं का समाधान करने को कहा गया।
लंबे समय से राशन का उठाव नहीं करने वाले, अपात्र एवं निष्क्रिय लाभुकों को चिह्नित करने का भी निर्देश दिया गया। ऐसे मामलों में समुचित जांच के बाद नियमानुसार राशन कार्ड से नाम हटाने की कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में खाद्यान्न उठाव एवं वितरण की नियमित निगरानी करने को कहा गया। वहीं, AMO एवं AGM को गोदामों में उपलब्ध खाद्यान्न का भौतिक सत्यापन कर ऑनलाइन पोर्टल पर स्टॉक रिपोर्ट अद्यतन करने का निर्देश दिया गया। नमक एवं चीनी समेत अन्य खाद्य सामग्रियों की डोर-स्टेप डिलीवरी तथा निर्धारित प्रक्रिया के तहत लाभुकों के बीच वितरण सुनिश्चित करने को कहा गया।
निलंबित एवं निलंबनमुक्त राशन दुकानों के मामलों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने संबंधित दुकानों के स्टॉक का सत्यापन कर निर्धारित समय-सीमा में जांच प्रतिवेदन सौंपने का निर्देश दिया। जांच में गड़बड़ी मिलने पर खाद्यान्न की रिकवरी, प्राथमिकी दर्ज करने एवं अन्य विभागीय कार्रवाई में देरी नहीं करने को कहा गया। खाद्यान्न उठाव और वितरण से संबंधित शिकायतों पर भी त्वरित जांच कर समयबद्ध कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।
इसके अलावा गोदामों के निर्माण एवं मरम्मती कार्यों की समीक्षा करते हुए लंबित कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने तथा निर्माण की गुणवत्ता बनाए रखने पर जोर दिया गया। ईचागढ़ गोदाम की मरम्मती के लिए कार्यपालक अभियंता, भवन निर्माण विभाग को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।
बैठक में जिला आपूर्ति पदाधिकारी राहुल जी आनंद, जिला सहकारिता पदाधिकारी, सभी प्रखंड आपूर्ति एवं सहकारिता पदाधिकारी, गोदाम प्रबंधक, विभिन्न कार्य एजेंसियों के कनीय अभियंता सहित संबंधित विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।



