जामडीह ओवरब्रिज का एक लेन 14 नवंबर से खुलने की तैयारी, 3500 से अधिक वाहनों को मिलेगी जाम से मुक्ति – रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ ने किया निर्माण कार्य का निरीक्षण

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576 मीटर लंबे ओवरब्रिज का काम अंतिम चरण में, छठ में उद्घाटन की उम्मीद, 26 जनवरी से पहले दोनों लेन पर शुरू हो सकता है आवागमन

 

नीमडीह, 05 नवंबर : चांडिल-पुरुलिया राष्ट्रीय राजमार्ग पर सफर करने वाले हजारों राहगीरों और वाहन चालकों के लिए राहत भरी खबर है। पितकी रेलवे फाटक पर ओवरब्रिज शुरू होने के बाद अब जामडीह रेलवे फाटक पर भी जाम की समस्या से जल्द छुटकारा मिलने वाला है। नीमडीह प्रखंड के जामडीह में निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज का काम अंतिम चरण में पहुंच गया है। एक लेन को 14 नवंबर से चालू करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सबकुछ योजना के मुताबिक रहा तो छठ पर्व के पहले ही ओवरब्रिज का उद्घाटन हो सकता है। वहीं, 26 जनवरी गणतंत्र दिवस से पहले दूसरे लेन पर भी आवागमन शुरू करने की तैयारी है। ओवरब्रिज चालू होने से प्रतिदिन गुजरने वाले 3500 से 3600 छोटे-बड़े वाहनों को रेलवे फाटक पर लगने वाले लंबे जाम से बड़ी राहत मिलेगी।

इसी क्रम में गुरुवार को रक्षा राज्यमंत्री सह रांची के सांसद संजय सेठ ने जामडीह पहुंचकर निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति, गुणवत्ता, सड़क के समतलीकरण, कालीकरण, सुरक्षा संकेतों और वाहन चालकों की सुरक्षा से संबंधित व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं निर्माण कार्य से जुड़े लोगों से ओवरब्रिज की वर्तमान स्थिति और शेष कार्यों की जानकारी ली। ओवरब्रिज का निर्माण पूरा कर जल्द से जल्द आवागमन शुरू कराने की दिशा में आवश्यक पहलुओं पर भी चर्चा की गई।

14 नवंबर से एक लेन चालू करने का लक्ष्य

एनएचएआई के अनुसार जामडीह गांव में कुछ भूमि को लेकर विवाद उत्पन्न होने के कारण ओवरब्रिज निर्माण कार्य में देरी हुई है। हालांकि, जल्द ही भूमि विवाद का निपटारा करने की दिशा में पहल की जा रही है। फिलहाल ओवरब्रिज के एक लेन को चालू करने की तैयारी युद्धस्तर पर चल रही है। इसके लिए 14 नवंबर की तिथि लक्ष्य के रूप में निर्धारित की गई है। यदि निर्धारित समयसीमा के अनुसार कार्य पूरा हो जाता है तो छठ पर्व के दौरान ही ओवरब्रिज का उद्घाटन कर आम लोगों के लिए आवागमन शुरू किया जा सकता है। वहीं, दूसरे लेन का काम भी पूरा कर 26 जनवरी से पहले उसे चालू करने की बात सामने आ रही है। इससे चांडिल-पुरुलिया मार्ग पर यातायात व्यवस्था को और अधिक सुगम बनाया जा सकेगा।

576 मीटर लंबा है जामडीह रेलवे ओवरब्रिज

जामडीह रेलवे ओवरब्रिज की कुल लंबाई 576 मीटर है। इसके निर्माण में रेलवे की पटरियों के ऊपर चार रेलवे स्टेम (पाया) बनाए गए हैं, जबकि पूरे ओवरब्रिज के निर्माण में कुल 18 स्टेम (पाया) का निर्माण किया गया है। ओवरब्रिज के दोनों किनारों पर प्रकाश की पर्याप्त व्यवस्था करने की भी तैयारी है। इसके तहत प्रत्येक 30 मीटर की दूरी पर स्ट्रीट लाइट लगाने की योजना बनाई गई है। इसके लिए एनएचएआई मुख्यालय को प्रस्ताव भेजा गया है। प्रस्ताव को स्वीकृति मिलने के बाद ओवरब्रिज पर स्ट्रीट लाइट लगाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। इससे रात के समय भी वाहन चालकों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सकेगी।

प्रतिदिन 3500 से 3600 वाहनों को मिलेगी राहत

एनएचएआई के अनुसार जामडीह रेलवे फाटक से प्रतिदिन लगभग 3500 से 3600 छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। ट्रेन के आवागमन के दौरान रेलवे फाटक बंद होने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग जाती है। कई बार राहगीरों और वाहन चालकों को काफी देर तक फाटक खुलने का इंतजार करना पड़ता है। इससे न केवल यात्रियों का समय बर्बाद होता है, बल्कि चांडिल-पुरुलिया राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात भी प्रभावित होता है। ओवरब्रिज चालू होने के बाद वाहन चालकों को ट्रेन गुजरने और रेलवे फाटक खुलने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। इससे जाम की समस्या से राहत मिलने के साथ ही आवागमन में लगने वाला समय भी कम होगा। खासकर चांडिल, नीमडीह, पुरुलिया, धनबाद, बोकारो, चंदनकियारी, सरायकेला, जमशेदपुर, चाईबासा की ओर प्रतिदिन आवागमन करने वाले लोगों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।

पितकी के बाद जामडीह में भी खत्म होगा रेलवे फाटक का जाम

गौरतलब है कि चांडिल-पुरुलिया मार्ग पर पितकी रेलवे फाटक लंबे समय से जाम की बड़ी वजह बना हुआ था। पितकी रेलवे ओवरब्रिज चालू होने के बाद इस समस्या से राहगीरों और वाहन चालकों को काफी हद तक राहत मिली है। अब जामडीह रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण पूरा होने से इस मार्ग पर रेलवे फाटक के कारण लगने वाले जाम की समस्या लगभग समाप्त होने की उम्मीद है। इस मार्ग पर जामडीह ही एकमात्र ऐसा रेलवे ओवरब्रिज है, जहां आवागमन शुरू होना बाकी है। इसके चालू होते ही चांडिल से पुरुलिया तक का सफर पहले की तुलना में अधिक सुगम हो जाएगा।

क्षेत्रवासियों ने संजय सेठ के प्रयासों की सराहना की

जामडीह ओवरब्रिज का निर्माण अंतिम चरण में पहुंचने से क्षेत्र के लोगों में खुशी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों से रेलवे फाटक पर लगने वाले जाम के कारण हजारों राहगीरों को परेशानी उठानी पड़ती थी। ट्रेन के गुजरने के दौरान वाहनों की लंबी कतार लग जाती थी, जिससे स्कूली बच्चों, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और मरीजों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। पितकी ओवरब्रिज के बाद जामडीह ओवरब्रिज को भी धरातल पर उतारने की दिशा में संजय सेठ की पहल और लगातार प्रयास सराहनीय हैं। लोगों ने उम्मीद जताई कि निर्धारित समय पर ओवरब्रिज चालू होने से क्षेत्र की यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव आएगा और चांडिल-पुरुलिया मार्ग पर सफर करना पहले से अधिक सुविधाजनक होगा।

निरीक्षण के दौरान भाजपा नेता हरेलाल महतो, नीमडीह जिला परिषद असित सिंह पात्र, सांसद प्रतिनिधि मनोज महतो, भाजपा जिला महामंत्री डॉ भूषण मुर्मू, पप्पू वर्मा, अनिता पारित, खगेन महतो, जगदीश महतो, मनोरंजन महतो, आकाश महतो, युधिष्ठिर महतो, विशाल चौधरी, जयंत रजक, विपुल सिंह, दिवाकर सिंह, प्रभात पोद्दार, बासुदेव सिंह, माणिक मोदक सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

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