दलमा इको-सेंसिटिव जोन में चल रहा अवैध क्रशर सील, वाहन व खनिज समेत उपकरण जब्त
जमशेदपुर, 29 सितंबर : दलमा वन्यप्राणी आश्रयणी के इको-सेंसिटिव जोन में बंद पड़े क्रशर को दोबारा संचालित किए जाने की सूचना पर जिला प्रशासन ने मंगलवार को संयुक्त जांच अभियान चलाया। पटमदा अंचल के धुसरा मौजा में जांच के दौरान क्रशर इकाई संचालित अवस्था में मिली। इसके बाद प्रशासन ने क्रशर को सील करते हुए वाहन, खनिज और विभिन्न उपकरणों को जब्त कर पटमदा थाना को सुपुर्द कर दिया।
उपायुक्त राजीव रंजन के निर्देश पर गठित टीम ने अनुमंडल पदाधिकारी धालभूम अर्नव मिश्रा के नेतृत्व में धुसरा मौजा का संयुक्त निरीक्षण किया। टीम में जिला खनन पदाधिकारी, पटमदा के अंचल अधिकारी, झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के कनीय पर्यावरण अभियंता मो. आफताब आलम, वन विभाग के प्रतिनिधि सीमोन टुडू तथा पटमदा थाना प्रभारी शामिल थे।
निरीक्षण के दौरान मौके पर Tata Ace वाहन संख्या JH05AP-1224, जिस पर हरे रंग का जेनरेटर लदा था, एक वेल्डिंग मशीन, दो वेल्डिंग रॉड पॉकेट, दो सब्बल और एक हथौड़ा मिला। इसके अलावा करीब 300 सीएफटी पत्थर बोल्डर और 200 सीएफटी पत्थर चिप्स का भंडारण भी पाया गया।
मौके पर मौजूद श्रमिकों से पूछताछ में बताया गया कि क्रशर का संचालन सुभाष कुमार शाही द्वारा किया जाता है। उनके अनुसार पत्थर बोल्डर का प्रसंस्करण कर उसका बिक्री-व्यापार किया जाता था।
प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के कनीय पर्यावरण अभियंता ने जांच के दौरान बताया कि क्रशर संचालक के पास प्रदूषण संबंधी वैध Consent to Establish और Consent to Operate दस्तावेज उपलब्ध नहीं थे। इसे Air Act और Water Act के प्रावधानों का उल्लंघन बताते हुए क्रशर इकाई को सील कर दिया गया।
वहीं, वन विभाग ने बताया कि जांच स्थल दलमा वन्यप्राणी आश्रयणी के इको-सेंसिटिव जोन में आता है। अधिसूचना के अनुसार इस क्षेत्र में क्रशिंग गतिविधि की अनुमति नहीं है। इसके आधार पर क्रशर संचालन को प्रतिबंधित गतिविधि पाया गया।
प्रशासन ने मौके से वाहन, जेनरेटर, वेल्डिंग मशीन समेत अन्य उपकरण तथा पत्थर बोल्डर और चिप्स को जब्त कर पटमदा थाना के सुपुर्द कर दिया।
जिला प्रशासन के अनुसार बिना वैध खनिज अनुज्ञप्ति के खनिज का उत्खनन, प्रसंस्करण, भंडारण, परिवहन और बिक्री करना अवैध है। मामले में सुभाष कुमार शाही के खिलाफ संबंधित खनिज कानूनों एवं अन्य सुसंगत प्रावधानों के तहत प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन ने कहा कि ऐसी गतिविधियों से सरकारी राजस्व को नुकसान के साथ राष्ट्रीय संपदा का भी क्षरण होता है।



