टीएमएच के सामने दवा की कीमत पर विवाद, साकची में 5300 रुपये में मिली वही दवा
जमशेदपुर, 23 सितंबर : टीएमएच में इलाजरत मरीज के लिए देर रात दवा खरीदने पहुंचे परिजनों को दवा की कीमत को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ा। परिजनों का आरोप है कि टीएमएच के सामने स्थित एक मेडिकल दुकान में संबंधित दवा उपलब्ध नहीं होने की बात कहते हुए उसे मंगाने के लिए करीब 9,500 रुपये की मांग की गई। वहीं, साकची की एक अन्य मेडिकल दुकान से उसी दवा को 5,300 रुपये में खरीदा गया।
परिजनों के अनुसार, दवा के पैकेट पर अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) 9,749.88 रुपये अंकित था। मरीज को तत्काल दवा की जरूरत होने के कारण परिजन पहले टीएमएच के सामने स्थित दुकान पहुंचे थे। वहां दवा उपलब्ध नहीं होने की बात कही गई और दवा मंगाने के लिए 9,500 रुपये की राशि बताई गई।
इसके बाद परिजनों ने साकची की एक अन्य मेडिकल दुकान में दवा की तलाश की, जहां उन्हें कथित तौर पर वही दवा 5,300 रुपये में मिल गई। इस तरह दोनों दुकानों में बताई गई कीमत में करीब 4,200 रुपये का अंतर सामने आया।
कीमत में इतने बड़े अंतर को लेकर मरीज के परिजनों ने नाराजगी जताई और दवाओं की बिक्री में पारदर्शिता पर सवाल उठाया। उनका कहना है कि मरीजों को अक्सर तत्काल दवा की जरूरत होती है और ऐसी स्थिति में कीमत की तुलना करना भी मुश्किल हो जाता है।
हालांकि, केवल कीमत में अंतर के आधार पर किसी तरह की अनियमितता या फर्जीवाड़े का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। दोनों दुकानों के बिक्री बिल, दवा का बैच नंबर, निर्माता, पैक साइज, खरीद मूल्य और अन्य संबंधित दस्तावेजों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि दोनों स्थानों पर कीमत में इतना अंतर क्यों था।
मामले ने अस्पतालों के आसपास दवाओं की कीमत, उपलब्धता और मरीजों को दी जाने वाली जानकारी में पारदर्शिता को लेकर सवाल जरूर खड़े किए हैं। परिजनों ने संबंधित विभाग से ऐसे मामलों की जांच कर दवा बिक्री में स्पष्टता सुनिश्चित करने की मांग की है।



