वर्षा ऋतु में बढ़ी सर्पदंश की आशंका, झाड़-फूंक और घरेलू उपचार से बचने की अपील
सरायकेला, 21 अगस्त : वर्षा ऋतु के दौरान सर्पदंश की बढ़ती आशंका को देखते हुए सरायकेला-खरसावां के उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी नितिश कुमार सिंह ने जिलेवासियों से सतर्कता और सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सर्पदंश गंभीर चिकित्सकीय आपातस्थिति हो सकती है। ऐसे में समय पर चिकित्सा सहायता और उचित उपचार से गंभीर जटिलताओं के खतरे को कम किया जा सकता है तथा मरीज की जान बचाई जा सकती है।
उपायुक्त ने कहा कि सर्पदंश की स्थिति में किसी भी तरह का विलंब किए बिना मरीज को नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ले जाएं। जिले के संबंधित सीएचसी में प्रशिक्षित चिकित्सकों की उपलब्धता है और चिकित्सकीय आवश्यकता के अनुसार एंटी-स्नेक वेनम (ASV) से उपचार किया जाता है।
पीड़ित को शांत रखें, प्रभावित अंग को स्थिर रखें
उपायुक्त ने सर्पदंश के बाद पीड़ित को शांत रखने और अनावश्यक रूप से चलने-फिरने नहीं देने की सलाह दी। प्रभावित अंग को यथासंभव स्थिर रखने के साथ अंगूठी, घड़ी, कड़ा अथवा अन्य कसाव वाली वस्तुओं को तुरंत हटा देने को कहा, ताकि सूजन बढ़ने पर परेशानी न हो।
उन्होंने लोगों से सर्प को पकड़ने या मारने का प्रयास नहीं करने की भी अपील की है।
झाड़-फूंक और घरेलू उपचार से बचें
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक, तंत्र-मंत्र या अप्रमाणित घरेलू उपचार का सहारा नहीं लेना चाहिए। घाव को काटना, जहर चूसना, जलाना, रगड़ना अथवा घाव पर जड़ी-बूटी या किसी रासायनिक पदार्थ का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए। ऐसी स्थिति में प्राथमिकता तत्काल चिकित्सकीय सहायता प्राप्त करना होनी चाहिए।
घर और आसपास साफ रखें, रात में टॉर्च का करें इस्तेमाल
वर्षा ऋतु में सर्पों की गतिविधियां बढ़ने की संभावना को देखते हुए उपायुक्त ने घर और आसपास के परिसर को साफ-सुथरा रखने की अपील की। उन्होंने अनावश्यक झाड़ियों, कचरे और ऐसे स्थानों की नियमित सफाई करने को कहा, जहां सर्प छिप सकते हैं।
रात में बाहर निकलते समय टॉर्च का इस्तेमाल करने और पैरों को ढकने वाले जूते पहनने की सलाह दी गई है। खेतों और अन्य कार्यस्थलों पर भी विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।
उपायुक्त नितिश कुमार सिंह ने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा कि सर्पदंश की स्थिति में घबराएं नहीं और समय गंवाए बिना तत्काल चिकित्सा सहायता लें। उन्होंने कहा कि जागरूकता और सावधानी के साथ सर्पदंश से बचाव किया जा सकता है, जबकि समय पर उचित उपचार मिलने से गंभीर परिणामों को रोका जा सकता है।
उन्होंने लोगों से स्वयं जागरूक रहने के साथ अपने परिवार, पड़ोस और आसपास के लोगों को भी सर्पदंश से बचाव तथा समय पर चिकित्सा सहायता लेने के प्रति जागरूक करने की अपील की।




