मानगो निगम की बोर्ड बैठक में घमासान, मेयर के बैठक छोड़ने पर भड़के पार्षद

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पार्षदों ने एजेंडा तय करने में मनमानी और नियमों की अनदेखी का लगाया आरोप, बैठक के बाद की नारेबाजी

जमशेदपुर, 19 अगस्त : मानगो नगर निगम की दूसरी बोर्ड बैठक मंगलवार को विवाद और हंगामे के बीच संपन्न हुई। बैठक में कई पार्षदों ने मेयर सुधा गुप्ता के कामकाज के तरीके और बोर्ड बैठक के एजेंडे को लेकर तीखी नाराजगी जताई। पार्षदों ने आरोप लगाया कि निगम के महत्वपूर्ण निर्णयों और एजेंडे को तैयार करने से पहले सभी सदस्यों से पर्याप्त विचार-विमर्श नहीं किया गया। इसी दौरान विवाद बढ़ने पर मेयर बैठक छोड़कर बाहर निकल गईं और अपनी गाड़ी से रवाना हो गईं।

मानगो स्थित वन विश्रामागार के सभागार में आयोजित बैठक में पार्षदों ने निगम क्षेत्र की जनता से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को एजेंडे में पर्याप्त स्थान नहीं दिए जाने पर सवाल उठाए। पार्षदों का आरोप था कि निगम का संचालन निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं के अनुरूप नहीं किया जा रहा है। उनका कहना था कि बोर्ड बैठक जनहित के मुद्दों पर ठोस चर्चा और निर्णय का मंच है, लेकिन पार्षदों को ही पर्याप्त अवसर नहीं दिया जा रहा।

हंगामे के बीच बैठक छोड़कर निकलीं मेयर

बैठक के दौरान करीब सवा दो बजे माहौल अचानक गरमा गया। पार्षदों के संबोधन के दौरान पार्षद नुरुल हक अंसारी समेत कुछ सदस्यों ने विरोध जताया, जिसके बाद सदन में हंगामा शुरू हो गया। स्थिति बिगड़ती देख मेयर सुधा गुप्ता बैठक से बाहर निकल गईं। वह अपनी गाड़ी में बैठकर वहां से रवाना हो गईं। मेयर के बैठक छोड़ने के बाद पार्षदों का आक्रोश और बढ़ गया।

बैठक समाप्त होने के बाद कई पार्षद वन विश्रामागार के पोर्टिको में एकत्र हुए और मेयर के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपना विरोध जताया। पार्षद राजेश सिंह और उनके समर्थकों ने आरोप लगाया कि बोर्ड बैठक में जनता से जुड़े ठोस मुद्दों पर गंभीर चर्चा करने के बजाय महज औपचारिकता पूरी की जा रही है।

चार महीने बाद हुई बैठक, फिर भी नहीं बनी सहमति

पार्षदों ने कहा कि करीब चार महीने के अंतराल के बाद बोर्ड की बैठक बुलाई गई थी। ऐसे में उम्मीद थी कि बैठक में निगम क्षेत्र की समस्याओं और विकास योजनाओं पर विस्तार से चर्चा होगी, लेकिन बैठक विवाद में उलझ गई। पार्षदों का आरोप था कि उनकी बात पूरी तरह सुने बिना ही मेयर बैठक छोड़कर चली गईं।

बैठक की प्रक्रिया पर सरयू राय ने भी उठाए सवाल

बैठक से पहले विधायक सरयू राय ने भी बोर्ड बैठक की प्रक्रिया और तैयारियों को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बोर्ड बैठक का एजेंडा निर्धारित नियमों के तहत कम से कम 72 घंटे पहले सभी सदस्यों को उपलब्ध कराया जाना चाहिए, लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं किया गया।

सरयू राय ने बोर्ड की बैठक नियमित रूप से प्रत्येक महीने आयोजित किए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने मानगो जलापूर्ति योजना के फेज-2 को लेकर भी सवाल उठाते हुए कहा कि फेज-2 पर आगे बढ़ने से पहले फेज-1 की वर्तमान स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए। साथ ही फेज-1 के अधूरे कार्यों को पूरा करने की कार्ययोजना भी स्पष्ट की जानी चाहिए।

बैठक में सांसद विद्युत वरण महतो भी रहे मौजूद

बोर्ड बैठक में सांसद विद्युत वरण महतो भी शामिल हुए। विधायक सरयू राय और सांसद विद्युत वरण महतो करीब डेढ़ घंटे तक बैठक में मौजूद रहे। इसके बाद दोनों बैठक से निकल गए।

बोर्ड बैठक के दौरान हुए हंगामे और मेयर के बैठक छोड़कर चले जाने के बाद पार्षदों के विरोध ने मानगो नगर निगम में जनप्रतिनिधियों के बीच मतभेद को फिर उजागर कर दिया। पार्षदों ने निगम के कामकाज में पारदर्शिता, निर्धारित नियमों के पालन और जनता से जुड़े मुद्दों पर गंभीर एवं व्यापक चर्चा की मांग की है।

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