खाद्य प्रतिष्ठानों में औचक निरीक्षण, सिंहदेव ढाबा पर 6000 एवं किशन कन्हैया ढाबा पर 200 का जुर्माना
सरायकेला, 20 मई : उपायुक्त के निर्देशानुसार जिले में खाद्य सुरक्षा मानकों एवं सार्वजनिक स्वास्थ्य संबंधी प्रावधानों के अनुपालन सुनिश्चित कराने हेतु खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा नियमित रूप से जांच अभियान संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में जिला खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी सुबीर रंजन के नेतृत्व में बुधवार को समाहरणालय के समीप स्थित खाद्य प्रतिष्ठानों में औचक निरीक्षण किया गया। गौरांगडीह स्थित सिंहदेव ढाबा के निरीक्षण के दौरान ढाबा के किचेन में गंदगी पाई गई तथा खाद्य सामग्री तैयार करने वाले कर्मियों द्वारा हेडगियर एवं एप्रन का उपयोग नहीं किया जा रहा था। साथ ही व्यक्तिगत स्वच्छता के मानकों का भी पालन नहीं पाया गया। निरीक्षण क्रम में ढाबा संचालक से खाना बनाने में प्रयुक्त पानी की जांच रिपोर्ट, कर्मियों का मेडिकल फिटनेस प्रमाण पत्र एवं पेस्ट कंट्रोल से संबंधित प्रमाण पत्र की मांग की गई, जिसे प्रस्तुत नहीं किया जा सका।
निरीक्षण में पाई गई अनियमितताओं के आलोक में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत सिंहदेव ढाबा संचालक पर 5000 रुपये का अर्थदंड लगाया गया, जिसकी वसूली मौके पर ही की गई। इसके अतिरिक्त ढाबा परिसर में खुली एवं जली हुई सिगरेट पाए जाने पर कोटपा (झारखंड संशोधन) अधिनियम, 2021 के उल्लंघन के तहत 1000 रुपये का अतिरिक्त जुर्माना लगाया गया, जिसे भी तत्काल वसूल किया गया। साथ ही ढाबा संचालक को अविलंब परिसर की साफ-सफाई सुनिश्चित करते हुए सभी अनियमितताओं में सुधार करने तथा खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 एवं उसके तहत बने नियमों एवं विनियमों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। इसी क्रम में किशन कन्हैया ढाबा में भी कोटपा अधिनियम के उल्लंघन पाए जाने पर 200 रुपये का जुर्माना लगाया गया, जिसकी वसूली भी मौके पर की गई।
जिला खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी द्वारा जिले के सभी होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा एवं अन्य खाद्य प्रतिष्ठान संचालकों को निर्देश दिया गया कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता, सुरक्षित पेयजल, कर्मियों की व्यक्तिगत साफ-सफाई, नियमित मेडिकल जांच एवं पेस्ट कंट्रोल से संबंधित सभी मानकों का अनिवार्य रूप से पालन सुनिश्चित करें। साथ ही सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान निषेध संबंधी प्रावधानों का कड़ाई से अनुपालन करने की अपील की गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा जिले में नियमित रूप से जांच अभियान चलाया जा रहा है तथा खाद्य सुरक्षा मानकों एवं कोटपा अधिनियम का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।