
रांची, 26 मार्च : झारखंड सरकार द्वारा बिजली दरों में की गई बढ़ोतरी को लेकर सियासत तेज हो गई है। डुमरी विधायक सह JLKM पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष जयराम महतो ने इस निर्णय को जनविरोधी बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई है और सरकार से तत्काल इसे वापस लेने की मांग की है।
जयराम महतो ने कहा कि सरकार ने ग्रामीण उपभोक्ताओं के लिए बिजली दर 6.70 रुपये से बढ़ाकर 7.20 रुपये प्रति यूनिट कर दी है, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह दर 6.85 रुपये से बढ़ाकर 7.40 रुपये प्रति यूनिट कर दी गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस बढ़ोतरी से आम जनता, खासकर गरीब और मध्यम वर्ग पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि व्यावसायिक उपभोक्ताओं को भी राहत नहीं दी गई है। 5 किलोवाट से अधिक लोड वाले ग्रामीण उपभोक्ताओं के लिए दर 6.20 रुपये से बढ़ाकर 6.70 रुपये प्रति यूनिट कर दी गई है, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह 6.70 रुपये से बढ़ाकर 7.30 रुपये प्रति यूनिट कर दी गई है। इससे छोटे दुकानदारों, प्रतिष्ठानों और सेवा क्षेत्र पर नकारात्मक असर पड़ेगा, जो पहले से ही बढ़ती लागत से जूझ रहे हैं।
जयराम महतो ने सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि राजस्व बढ़ाने के अन्य विकल्पों पर ध्यान देने के बजाय आम जनता पर बोझ डाला जा रहा है। उन्होंने सुझाव दिया कि अवैध खनन पर सख्ती से रोक लगाकर और शहरी क्षेत्रों में सर्किल रेट को वास्तविक बाजार मूल्य के अनुरूप संशोधित कर सरकार अपने राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में उद्योगपतियों को विभिन्न प्रकार की रियायतें और सब्सिडी दी जा रही हैं, जबकि आम जनता पर लगातार आर्थिक दबाव बढ़ाया जा रहा है। साथ ही, अनावश्यक निर्माण कार्यों पर सरकारी खर्च को भी उन्होंने अनुचित बताया।
अंत में जयराम महतो ने सरकार से अपील की कि वह जनहित को ध्यान में रखते हुए बिजली दरों में की गई वृद्धि पर पुनर्विचार करे और इसे वापस ले, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके। जयराम महतो ने उक्त बातें अपने फेसबुक पेज पर साझा किया है।



