रांची में कुड़मी समाज की हुंकार महारैली, आदिवासी सूची में शामिल करने की उठी मांग

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रांची में कुड़मी समाज की हुंकार महारैली, आदिवासी सूची में शामिल करने की उठी मांग

 

रांची, 01 मार्च : कुड़मी समाज को आदिवासी सूची में शामिल करने की मांग को लेकर आज राजधानी के प्रभात तारा मैदान में विशाल ‘हुंकार महारैली’ का आयोजन किया गया। रैली में झारखंड के विभिन्न जिलों के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों से भी बड़ी संख्या में कुड़मी समाज के लोग शामिल हुए। मैदान जनसैलाब में तब्दील हो गया और समाज के पारंपरिक वेशभूषा, झंडे-बैनर और नारों से पूरा इलाका गूंज उठा।

महारैली को संबोधित करते हुए समाज के नेताओं ने कहा कि कुड़मी समाज लंबे समय से अपनी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सामाजिक पहचान के आधार पर आदिवासी सूची में शामिल किए जाने की मांग करता आ रहा है। वक्ताओं ने दावा किया कि समाज का इतिहास, परंपराएं और जीवनशैली आदिवासी समुदायों से जुड़ी रही हैं, इसलिए उन्हें अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा मिलना चाहिए।

सभा में वक्ताओं ने राज्य और केंद्र सरकार से इस मुद्दे पर ठोस पहल करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने शीघ्र निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। कई वक्ताओं ने यह भी कहा कि कुड़मी समाज सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक रूप से पिछड़ा है, ऐसे में संवैधानिक अधिकारों से वंचित रखना न्यायसंगत नहीं है।

महारैली के दौरान पारंपरिक नृत्य-गीतों की भी प्रस्तुति हुई, जिससे कार्यक्रम में सांस्कृतिक रंग भी देखने को मिला। आयोजन समिति के अनुसार, यह रैली कुड़मी समाज की एकता और जागरूकता का प्रतीक है। कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और प्रशासन द्वारा सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे।

रैली के अंत में राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपने की घोषणा की गई, जिसमें कुड़मी समाज को आदिवासी सूची में शामिल करने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई है।

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