दलमा संरक्षण व आदिवासी अधिकारों को लेकर 25 फरवरी को महा जनसम्मेलन
चांडिल, 23 फरवरी : दलमा पहाड़ के संरक्षण और आदिवासी समुदायों के पारंपरिक अधिकारों की रक्षा को लेकर क्षेत्र में एक बार फिर आंदोलन तेज होता नजर आ रहा है। राज्य सरकार द्वारा लागू झारखंड पर्यटन स्थल (संरक्षण और रखरखाव) अधिनियम, 2015 को लेकर दलमा क्षेत्र के ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने आपत्ति जताई है।
दलमा क्षेत्र ग्राम सभा सुरक्षा मंच के सदस्यों का आरोप है कि ईको टूरिज्म के नाम पर प्रस्तावित गतिविधियां दलमा पहाड़ के प्राकृतिक स्वरूप, वन्य जीव-जन्तुओं और आदिवासी समुदायों की पारंपरिक संस्कृति पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती हैं। मंच का कहना है कि किसी भी विकास योजना से पहले ग्राम सभाओं की सहमति और वनाधिकार कानून के प्रावधानों का पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
गौरतलब है कि दलमा पहाड़ का बड़ा हिस्सा दलमा वन्यजीव अभयारण्य के अंतर्गत आता है, जो जैव विविधता और हाथियों के आवास क्षेत्र के रूप में महत्वपूर्ण माना जाता है। स्थानीय संगठनों का कहना है कि क्षेत्र की पर्यावरणीय संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए किसी भी पर्यटन परियोजना पर व्यापक जन-परामर्श आवश्यक है।
इसी मुद्दे को लेकर 25 फरवरी 2026 को माकुलाकोचा फुटबॉल मैदान में एक महा जनसम्मेलन आयोजित किया जाएगा। सम्मेलन को लेकर दलमा क्षेत्र में जनसंपर्क अभियान तेज कर दिया गया है। लोगों को अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की जा रही है। सम्मेलन में विभिन्न गांवों के प्रतिनिधि, आदिवासी समुदायों के सदस्य और सामाजिक कार्यकर्ता भाग लेंगे तथा दलमा संरक्षण और समुदायिक अधिकारों की सुरक्षा को लेकर रणनीति तय करेंगे।


