टाटा लीज नवीनीकरण पर मूलवासी अधिकार मंच का विरोध, 20 फरवरी को धरना की चेतावनी

जमशेदपुर, 10 फरवरी : टाटा कंपनी के लीज नवीनीकरण को लेकर झारखंड मूलवासी अधिकार मंच ने कड़ा विरोध जताया है। मंच ने उपायुक्त, पूर्वी सिंहभूम को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की है कि मूलवासी, रैयत एवं विस्थापितों के संवैधानिक, वैधानिक और ऐतिहासिक अधिकारों को सुनिश्चित किए बिना लीज नवीनीकरण की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई जाए।
मंच के प्रतिनिधि दीपक रंजीत ने आरोप लगाया कि प्रशासन द्वारा लगातार उठाई जा रही मांगों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक पहल नहीं हुई, तो 20 फरवरी को बिष्टुपुर पोस्टल पार्क के समक्ष एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
मंच के मुख्य संयोजक हरमोहन महतो ने कहा कि जमशेदपुर के कदमा स्थित जगन्नाथ मंदिर परिसर की भूमि 1908 के मूल खतियान में हेम महतो के नाम दर्ज है। बाद में गलत सर्वे प्रक्रिया के जरिए उक्त भूमि को सरकारी घोषित कर दिया गया, जो मूल खतियानधारियों के अधिकारों का उल्लंघन है। उन्होंने बताया कि 26 फरवरी को प्रस्तावित भूमि पूजन कार्यक्रम से पहले इस मुद्दे का समाधान आवश्यक है।
उन्होंने यह भी कहा कि जमशेदपुर के कई इलाकों में मूल खतियानी जमीनों को लीज के नाम पर गलत तरीके से आवंटित किया गया है। मंच ने मांग की है कि सभी विवादित जमीनों की निष्पक्ष जांच कर मूल खतियानधारी रैयतों को उनकी जमीन वापस की जाए। मंच ने स्पष्ट किया कि पेसा कानून, सीएनटी एक्ट और संविधान की पांचवीं अनुसूची के प्रावधानों के तहत ग्रामसभा की सहमति और रैयतों की भागीदारी के बिना लिया गया कोई भी निर्णय अवैध होगा। मंच ने चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।



