स्वर्णरेखा महोत्सव कल, दिखेगा झारखंड व पश्चिम बंगाल के समृद्ध सांस्कृतिक झलक – मानभूम शैली का छौ नृत्य होगा विशेष आकर्षण
ईचागढ, 16 सितंबर : सरायकेला-खरसावां जिले के ईचागढ़ प्रखंड के मातकमडीह में बुधवार 17 सितंबर को शाम तीन बजे से स्वर्णरेखा महोत्सव 2025 का आयोजन किया गया है। महोत्सव का आयोजन संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के सौजन्य से नटराज कला केंद्र चोगा के द्वारा सांस्कृतिक समारोह एवं निर्माण अनुदान योजना के तहत किया जा रहा है। लोक कला एवं संस्कृति के संरक्षण तथा लोक कलाकारों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित स्वर्णरेखा महोत्सव में झारखंड औश्र पश्चिम बंगाल के समृद्ध और पारंपरिक सांस्कृतिक झलक देखने को मिलेगी। इसकी जानकारी नटराज कला केंद्र चोगा, ईचागढ़ के सचिव प्रभात महतो ने दी।
स्वर्णरेखा महोत्सव में होंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम स्वर्णरेखा महोत्सव में झारखंड और पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों के कलाकार अपने क्षेत्र के समृद्ध सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश करेंगे। असके तहत सरायकेला खरसवां जिले के ईचागढ़ प्रखंड अंतर्गत मातकमडीह के गुलाप सिंह मुंडा व साथी द्वारा पाईका नृत्य प्रस्तुत किया जाएगा। वहीं उहातु, झालदा, पुरुलिया, पश्चिम बंगाल के अनिल महतो एवं साथी द्वारा कुड़माली पांता झूमर पेश किया जाएगा। कार्यक्रम में पांच परगनिया सांस्कृतिक दल, ताउ, बुंडू, रांची के कलाकार पांच परगना गीत व नृत्य प्रस्तुत करेंगे।
छऊ की ताल में थिरकेंगे लोग
कार्यक्रम में सरायकेला-खरसावां जिले के कुकडू प्रखंड क्षेत्र के झारखंड विकास परिषद उदाटांड के कलाकार मानभूम छऊ नृत्य पेश करेंगे। वहीं लोक कला मंच खरसासां के कलाकार खरसावां शैली में छऊ नृत्य की छटा बिखरेंगे। वहीं गुमला जिले के गुंजे झारखंड कला केंद्र सुंदरपुर के कलाकार नागपुरी नृत्य से धूम मचाएंगे। पूर्वी सिंहभूम जिले के जमशेदपुर कलामंदिर के कलाकार माघे नृत्य पेश करेंगे। इसी क्रम में आदिकला मंच कोलेबिरा, सिमडेगा के कलाकार बड़िया नृत्य प्रस्तुत करेंगे।