ईचागढ़ थाना विवाद: कोल्हान डीआईजी ने शुरू की जांच – पुलिस पदाधिकारियों से घंटों चली पूछताछ

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ईचागढ़ थाना विवाद: कोल्हान डीआईजी ने शुरू की जांच – पुलिस पदाधिकारियों से घंटों चली पूछताछ

चांडिल, 09 दिसंबर : जेएलकेएम नेता तरुण महतो की गिरफ्तारी के बाद थाने में उनके साथ कथित दुर्व्यवहार की शिकायत ने पुलिस महकमे में हलचल मचा दी है। इसी आरोप की तह तक पहुंचने के लिए मंगलवार को कोल्हान डीआईजी अनुरंजन किसपोट्टा ने चांडिल पहुंचकर पूरे प्रकरण की स्वतंत्र जांच शुरू कर दी। डीआईजी के आगमन से पुलिस महकमे में दिन भर खामोशी और सतर्कता का माहौल बना रहा।

चांडिल अनुमंडल कार्यालय में डीआईजी ने संबंधित पुलिस अधिकारियों को एक-एक कर बुलाया और गिरफ्तारी से लेकर थाने में हुई पूरी प्रक्रिया पर विस्तार से पूछताछ की। इस दौरान जिला पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुणायात भी पूछताछ प्रक्रिया में मौजूद रहे, लेकिन अधिकारियों के चेहरे पर जांच को लेकर स्पष्ट तनाव देखा गया।

डीआईजी ने बताया कि जांच तरुण महतो की पत्नी भानुमति महतो की उस शिकायत के आधार पर की जा रही है, जिसमें उन्होंने थाने में मारपीट का गंभीर आरोप लगाया था। हालांकि, तय समय पर भानुमति महतो के उपस्थित न होने से उनका पक्ष दर्ज नहीं हो सका। डीआईजी ने कहा कि उनकी अनुपस्थिति क्यों हुई, यह अब तक स्पष्ट नहीं है, लेकिन जांच प्रक्रिया किसी भी हालत में रुकेगी नहीं।

उधर, हाईकोर्ट पहले ही इस मामले पर कड़ा रुख दिखा चुका है। सोमवार को कोर्ट के निर्देश पर सरायकेला के एसपी को स्वयं उपस्थित होना पड़ा था। न्यायालय ने डीआईजी को पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है, जिसके बाद पुलिस महकमे में यह मामला और अधिक संवेदनशील हो गया है।

डीआईजी के लौटने के बाद कई सवाल हवा में तैर रहे हैं—क्या भानुमति महतो अलग से बयान देंगी? क्या थाने की कार्यशैली पर जिम्मेदारी तय होगी? और सबसे बड़ा सवाल—क्या तरुण महतो की गिरफ्तारी की प्रक्रिया में कोताही बरती गई थी?

गौरतलब है कि 18 नवंबर की रात अवैध बालू ढुलाई के विरोध के दौरान तरुण महतो को ईचागढ़ थाना पुलिस ने हिरासत में लेकर जेल भेजा था। गिरफ्तारी के बाद लगे मारपीट के आरोपों ने इस पूरे प्रकरण को अब पुलिस प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती में बदल दिया है।

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