शरद पूर्णिमा आज, की जाएगी मां कोजागरी लक्खी की पूजा
चांडिल, 06 अक्टूबर : शरद पूर्णिमा के अवसर पर सोमवार की रात मां कोजागरी लक्खी (मां लक्ष्मी) की पूजा पूरे विधि-विधान से की जाएगी। इसको लेकर पूरे क्षेत्र में उल्लास का माहौल है। शरद पूर्णिमा हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र और शुभ मानी जाती है, इसे कोजागरी पूर्णिमा भी कहा जाता है। मान्यता है कि इस रात में देवी लक्ष्मी धरती पर आती हैं और भक्तों को अपना आशीर्वाद देती हैं। इस पवित्र रात को चंद्रमा अपनी सोलह कलाओं से पूर्ण होता है।
शरद पूर्णिमा की रात को तुलसी की पूजा करना बेहद शुभ माना जाता है। इस दिन लोग तुलसी के पौधे के पास शुद्ध घी का दीपक जलाकर, तुलसी माता से अपने घर में सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हैं। शरद पूर्णिमा की रात चंद्र देव की कृपा पाने के लिए श्रद्धालु चंद्रमा को अर्घ्य अर्पण करते हैं।
कहते हैं कि इस दिन चंद्रमा की किरणों से अमृत बरसता है। श्रद्धालु इस दिन रात की चांदनी में खीर रखते हैं। मान्यता है कि चांदनी में रखा खीर खाने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। शरद पूर्णिमा को खीर बनाकर खीर को मिट्टी या चांदी के बर्तन में रात भर खुले आसमान के नीचे रखते हैं। ऐसा करने से अच्छी सेहत मिलती है और मां लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
शरद पूर्णिमा पर होने वाली मां कोजागरी लक्ष्मी पूजा को लेकर पूरे क्षेत्र में तैयारी की जा रही है। लोग अपने घरों में अल्पना बनाकर और पूजा स्थल की साफ सफाई कर आकर्षक रूप दे रहे हैं। पूजा सामग्री की दुकानों में खरीदारी जमकर हो रही है। दुर्गा पूजा किए जाने वाले स्थान में भी मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है। जिसको लेकर पूजा आयोजन समिति व्यापक स्तर पर तैयारी किया जा रहा है। कई स्थानों में शरद पूर्णिमा के अवसर पर मां लक्ष्मी की भव्य और आकर्षक प्रतिमा स्थापित की जाती है।