नीमडीह में मिला दुर्लभ पैंगोलिन, वन विभाग ने लिया संरक्षण में

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नीमडीह में मिला दुर्लभ पैंगोलिन, वन विभाग ने लिया संरक्षण में

नीमडीह, 17 अक्टूबर : सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल वन क्षेत्र अंतर्गत नीमडीह प्रखंड के पुरियारा गांव में शुक्रवार को एक दुर्लभ कीट-भक्षी जीव पैंगोलिन (स्थानीय नाम—ब्रज कीट) दिखाई दिया। गांव के विनोद महतो ने इसे अपने खेत में देखा, जिसके बाद इसकी सूचना पूरे गांव में फैल गई।

ग्रामीणों की सूचना पर चांडिल वन क्षेत्र के कर्मी राणा मौके पर पहुंचे और जीव को सुरक्षित अपने कब्जे में लिया। बाद में वन क्षेत्र पदाधिकारी शशि रंजन प्रकाश ने इसे दलमा वन क्षेत्र पदाधिकारी दिनेश चंद्रा को सौंप दिया, ताकि उसका उचित संरक्षण किया जा सके।

स्थानीय लोगों के अनुसार, यह जीव बरसात के मौसम में बिलों में पानी भर जाने के कारण बाहर निकल आता है।

पैंगोलिन एक अत्यंत दुर्लभ कीट-भक्षी स्तनपायी प्राणी है, जिसके शरीर पर केराटिन से बने कठोर शल्क (स्केल्स) होते हैं। यह दुनिया का एकमात्र स्तनधारी है, जिसके शरीर पर वास्तविक शल्क पाए जाते हैं। यह मुख्य रूप से चींटियों और दीमकों को खाता है तथा रात्रिचर और एकाकी स्वभाव का होता है।

एशिया और अफ्रीका में पैंगोलिन की कुल आठ प्रजातियाँ पाई जाती हैं, जिनमें से भारत में दो — भारतीय पैंगोलिन और चीनी पैंगोलिन — प्रमुख हैं। वर्तमान में पैंगोलिन की सभी प्रजातियाँ विलुप्ति के कगार पर हैं और IUCN रेड लिस्ट के परिशिष्ट-I में सूचीबद्ध हैं।

अपने मांस और शल्कों की अवैध तस्करी के कारण पैंगोलिन विश्व का सबसे अधिक तस्करी किया जाने वाला स्तनधारी बन गया है। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि ऐसे दुर्लभ जीव दिखाई देने पर तुरंत सूचना दें ताकि उनके संरक्षण के प्रयासों को बल मिल सके।

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