सरायकेला, 22 अप्रैल : समाहरणालय सभागार में उपायुक्त नीतिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में जिला योजना कार्यकारिणी समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें जिला खनिज प्रतिष्ठान न्यास (DMFT) की अनावध निधि से संचालित विकास योजनाओं की व्यापक समीक्षा की गई। बैठक के दौरान योजनाओं की अद्यतन भौतिक एवं वित्तीय प्रगति का बिंदुवार आकलन किया गया। उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी योजनाओं का क्रियान्वयन पारदर्शी, प्रभावी और निर्धारित समय-सीमा के भीतर सुनिश्चित किया जाए। समीक्षा के क्रम में शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क निर्माण, सिंचाई, कौशल विकास, पोषण, स्वच्छता, विद्युत आपूर्ति सुदृढ़ीकरण तथा सामुदायिक आधारभूत संरचना से संबंधित विभिन्न विभागों के प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा की गई। उपायुक्त ने कहा कि जनहित और स्थानीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए प्राथमिकता आधारित योजनाओं का चयन किया जाए और डीएमएफटी निधि से उनके कार्यान्वयन की प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जाए। उन्होंने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता मानकों के कड़ाई से पालन पर जोर देते हुए कहा कि सभी योजनाएं स्वीकृत प्राक्कलन और तकनीकी मानकों के अनुरूप ही पूरी हों। साथ ही, कार्यस्थलों का नियमित निरीक्षण कर प्रगति की सतत निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। उपायुक्त ने चेतावनी दी कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि प्रत्येक कार्यस्थल पर सूचना पट्ट लगाकर योजना की स्वीकृत लागत, अवधि एवं अन्य विवरण स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किए जाएं। बैठक में यह भी तय किया गया कि योजनाओं की अद्यतन प्रगति रिपोर्ट निर्धारित प्रारूप में समय-समय पर जिला मुख्यालय को उपलब्ध कराई जाए, ताकि प्रभावी अनुश्रवण और मूल्यांकन सुनिश्चित हो सके। उपायुक्त ने कहा कि डीएमएफटी निधि से संचालित सभी योजनाओं में पारदर्शिता, गुणवत्ता और जवाबदेही सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए तथा इनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना सुनिश्चित किया जाए। बैठक में निदेशक डीआरडीए अजय तिर्की, अपर उपायुक्त जायवर्धन कुमार, अपर नगर आयुक्त आदित्यपुर, जिला योजना पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला खनन पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के वरीय पदाधिकारी एवं कार्यपालक अभियंता उपस्थित रहे।