तेज रफ्तार, लापरवाही और ड्रिंक एंड ड्राइव पर सख्ती के निर्देश, सड़क सुरक्षा को लेकर चलेंगे जागरूकता अभियान
जमशेदपुर, 22 अगस्त : जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त राजीव रंजन की अध्यक्षता में शनिवार को समाहरणालय सभागार में यातायात एवं सड़क सुरक्षा को लेकर बैठक हुई। बैठक में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, यातायात नियमों के अनुपालन, हिट एंड रन मामलों में मुआवजा तथा शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई।
जुलाई माह में हुई सड़क दुर्घटनाओं की समीक्षा के दौरान 21 सड़क हादसों में छह लोगों की मौत की जानकारी सामने आई। इस पर उपायुक्त ने चिंता जताते हुए दुर्घटनाओं के कारणों का गहन विश्लेषण कर प्रभावी रोकथाम के उपाय सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। समीक्षा में चालकों की लापरवाही, तेज एवं असावधानीपूर्वक वाहन चलाना तथा ड्रिंक एंड ड्राइव दुर्घटनाओं के प्रमुख कारण सामने आए।
उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि सड़क सुरक्षा केवल यातायात पुलिस या परिवहन विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने बिना हेलमेट, ट्रिपल राइडिंग, बिना सीट बेल्ट, ओवरस्पीडिंग और ड्रिंक एंड ड्राइव के खिलाफ नियमित जांच एवं कार्रवाई जारी रखने का निर्देश दिया। पिछले माह अभियान के दौरान बिना हेलमेट, ट्रिपल राइडिंग एवं बिना सीट बेल्ट के मामलों में 9.61 लाख रुपये, जबकि ड्रिंक एंड ड्राइव में 38 हजार रुपये जुर्माना वसूला गया।
सड़क संकेतकों और ब्लैक स्पॉट पर विशेष जोर
उपायुक्त ने दुर्घटना संभावित स्थलों यानी ब्लैक स्पॉट पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। उन्होंने आवश्यकतानुसार स्पीड लिमिट, नो पार्किंग, स्कूल जोन, हॉर्न निषेध, यू-टर्न, पैदल यात्री क्रॉसिंग, दिशा-सूचक एवं चेतावनी संबंधी साइनेज लगाने को कहा। खराब या क्षतिग्रस्त संकेतकों को तत्काल दुरुस्त करने तथा रात में स्पष्ट दिखाई देने वाले रिफ्लेक्टिव साइनेज और रोड मार्किंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
ग्रामीण एवं प्रखंड स्तर की सड़कों पर भी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने को कहा गया। पुल-पुलिया, तीखे मोड़, संकरे मार्ग, स्कूलों तथा हाट-बाजार के आसपास आवश्यक चेतावनी संकेतक और रिफ्लेक्टर लगाने तथा कम दृश्यता वाले स्थानों को चिह्नित कर प्रकाश की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया।
हिट एंड रन पीड़ितों को जल्द मिले मुआवजा
बैठक में हिट एंड रन मामलों की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने प्रभावित परिवारों को नियमानुसार मिलने वाले मुआवजे का भुगतान शीघ्र सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि सड़क हादसों में अपने परिजनों को खोने वाले परिवारों को समय पर आर्थिक सहायता मिल सके।
उन्होंने स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों के बीच सड़क सुरक्षा को लेकर नियमित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने पर भी जोर दिया। हेलमेट और सीट बेल्ट के इस्तेमाल, निर्धारित गति सीमा का पालन, नशे में वाहन नहीं चलाने तथा सड़क पार करते समय सावधानी बरतने को लेकर व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया गया।
बैठक में वरीय पुलिस अधीक्षक डॉ. एहतेशाम वकारिब, डीएफओ सबा आलम अंसारी, जिला परिवहन पदाधिकारी, संबंधित विभागों के पदाधिकारी तथा ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के प्रतिनिधि मौजूद थे।





